सभी कार्यक्रमों पर 28 लाख 08 हजार रूपये की धनराशि व्यय की जायेगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के लिए शक्ति आराधना के अंतर्गत 17, 18 एवं 19 अक्टूबर, 2026 (सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी) को शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शक्ति आराधना प्रदेश के 26 चयनित शक्तिपीठों, देवी मंदिरों पर देवीगीतों की परम्परा पर आधारित देवीगीत गायन एवं दुर्गा सप्तसती का पाठ किया जायेगा। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन का संदेश देना है।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि कलाकारों के मानदेय, यात्रा व्यय, वालंटियर पर व्यय तथा कार्यक्रम की प्रस्तुति संबंधी अन्य व्यवस्थाओं पर 28 लाख 08 हजार रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 26 शक्तिपीठ स्थलों, देवी मंदिरों पर देवीगीतों की परम्परा पर आधारित दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जायेगा। उसमें मॉ विन्ध्यवासिनी देवी विन्ध्याचल मिर्जापुर, ज्वाला देवी सोनभद्र, सीता समाहित स्थल भदोही, अलोपी देवी प्रयागराज, कदवासिनी कौशाम्बी तथा पाटेश्वरी देवी देवीपाटन बलरामपुर शामिल हैं।
यूपी के 26 देवी मंदिरों में देवीगीत और दुर्गा सप्तशती पाठ, महिला सशक्तीकरण का संदेश
इसके अलावा ललिता देवी नैमिषारण्य, सीतापुर, शाकुम्भरी देवी सहारनपुर, कात्यायनी देवी मथुरा, मॉ शीतला चौकिया धाम जौनपुर, बेलहा देवी प्रतापगढ़, बीसालाक्षी देवी वाराणसी, चण्डिका देवी उन्नाव, देवी काली मंदिर औरैया, मॉ तरकुलहाधाम गोरखपुर, मॉ शीतला माता स्थल मऊ, ललितादेवी प्रयागराज, शिवानी देवी चित्रकूट, गायत्री शक्तिपीठ हमीरपुर, बैरागढ़ माता कोंच, जालौन भी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त कुसमाण्डा देवी घाटमपुर, कानपुर देहात, शीतला माता मंदिर मैनपुरी, चामुण्डा माता मंदिर फिरोजाबाद, चंद्रिका देवी मंदिर लखनऊ, संकटा देवी मंदिर लखनऊ तथा गुरूग्राम देवी मंदिर फर्रूखाबाद भी शामिल हैं। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर कराये जाने वाले तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रदेश के चयनित मंदिरों में कराये जायेंगे। इस प्रकार देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों की आराधना के साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं में स्वावलम्बन एवं आत्मनिर्भरता का संदेश प्रसारित करना है।
