- प्रमोटरों को समय पर अनुपालन के निर्देश
- क्यूपीआर अद्यतन करना अनिवार्य, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
लखनऊ / गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) पंजीकृत रियल एस्टेट परियोजनाओं के प्रमोटरों के लिए त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (Quarterly Progress Report–QPR) अपलोड करने हेतु पोर्टल की विंडो 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक खोलेगा। 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली पहली तिमाही के लिए यूपी रेरा ने सभी प्रमोटरों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की नियामकीय कार्रवाई से बचा जा सके।
यूपी रेरा ने स्पष्ट किया है कि क्यूपीआर अपलोड करना केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। क्यूपीआर के माध्यम से परियोजना की वास्तविक प्रगति, निर्माण की स्थिति, विभिन्न अनुमोदनों की उपलब्धता तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपभोक्ताओं के हित में सार्वजनिक की जाती हैं। इससे गृह-खरीदारों को सही और अद्यतन जानकारी मिलती है और वे सोच-समझकर निर्णय ले सकते हैं।
यूपी रेरा ने यह भी दोहराया है कि भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 11(1) के तहत प्रत्येक प्रमोटर के लिए यह अनिवार्य है कि वह हर तिमाही समाप्त होने के बाद अपनी परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपडेट करे। इन प्रावधानों का पालन न करना अधिनियम का उल्लंघन माना जाता है, जिसके तहत रेरा अधिनियम की धारा 61 के अनुसार परियोजना लागत के पाँच प्रतिशत तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यूपी रेरा का प्रमोटरों से कहना है कि वे क्यूपीआर अपलोड करने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें और 15 अप्रैल 2026 तक सभी आवश्यक सूचनाएं पोर्टल पर उपलब्ध कराएं। प्राधिकरण का मानना है कि समय पर क्यूपीआर अपडेट करने से परियोजनाओं में पारदर्शिता बनी रहती है और इससे गृह-खरीदारों का विश्वास भी मजबूत होता है।
हालिया कार्रवाई में क्यूपीआर डिफॉल्टरों पर कड़ा प्रहार
यूपी रेरा ने क्यूपीआर जमा न करने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए हाल ही में लखनऊ के दो प्रमोटरों पर भारी जुर्माना लगाया है। इन मामलों में मेसर्स शुशील कुमार कटियार की परियोजना “ARPITA INFINITY” और मेसर्स गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड की परियोजना “GANPATI SMART CITY” शामिल हैं, जिनमें कई तिमाहियों तक क्यूपीआर जमा नहीं की गई। इस कार्रवाई के माध्यम से यूपी रेरा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि क्यूपीआर जैसे महत्वपूर्ण नियमों का पालन न करने पर किसी भी स्थिति में छूट नहीं दी जाएगी और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
