जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में घर खरीदार, आवंटी, प्रमोटर और रियल एस्टेट एजेंट शामिल
लखनऊ/आगरा। रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण ने गुरुवार को आगरा मंडल के हितधारकों के लिए ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम एडीए सभागार, आगरा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुआ। इसमें घर खरीदारों, आवंटियों, प्रमोटरों और पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में सुरक्षित तरीके से रियल एस्टेट में निवेश करने, रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 के प्रमुख प्रावधानों, घर खरीदारों के अधिकारों और जिम्मेदारियों तथा यूपी रेरा में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
यूपी रेरा सचिव ने कार्यशाला की रूपरेखा बताई
कार्यशाला की शुरुआत यूपी रेरा के सचिव महेंद्र वर्मा के उद्घाटन वक्तव्य से हुई। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के प्रमुख उद्देश्यों और इसमें चर्चा किए जाने वाले महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में सुरक्षित संपत्ति निवेश, किसी प्रोजेक्ट में निवेश से पहले उसकी जानकारी की जांच, घर खरीदारों के अधिकार एवं जिम्मेदारियां और RERA के तहत शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जाएगी। महेंद्र वर्मा ने सभी हितधारकों से ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने और विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही जानकारी का लाभ उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने ऑनलाइन की। आगरा विकास प्राधिकरण के सचिव ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की और हितधारकों के साथ जागरूकता सत्र में शामिल हुए।
जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित निवेश कर सकता है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि सही जानकारी रखने वाला उपभोक्ता ही गलत दावों, धोखाधड़ी और जोखिम भरे निवेश से खुद को बेहतर तरीके से बचा सकता है। उन्होंने कहा कि यूपी रेरा की भूमिका केवल विवादों का समाधान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को उनके कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
उन्होंने संभावित घर खरीदारों को सलाह दी कि किसी भी प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले यूपी रेरा पोर्टल पर उसकी पूरी जानकारी जरूर जांच लें। किसी भी तरह की परेशानी या अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में यूपी रेरा से समय पर संपर्क करने की भी सलाह दी गई। अध्यक्ष ने कहा कि यूपी रेरा प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता-केंद्रित रियल एस्टेट व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
रेरा कानून के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी
यूपी रेरा के प्रधान सलाहकार अबरार अहमद ने रेरा अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और उनके व्यावहारिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि संपत्ति खरीदने से पहले किन बातों की जांच करनी चाहिए, यूपी रेरा में शिकायत कैसे दर्ज की जाती है, आवंटियों के क्या अधिकार हैं और विवाद होने की स्थिति में यूपी रेरा किस प्रकार सहायता करता है। उन्होंने कहा कि किसी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले उसके दस्तावेजों और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी की अच्छी तरह जांच करने से धोखाधड़ी, आर्थिक नुकसान और भविष्य में होने वाले विवादों की संभावना काफी कम की जा सकती है।
निवेश से पहले प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी जांचें
प्रतिभागियों को सलाह दी गई कि किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले उसका रेरा पंजीकरण नंबर और वैधता, स्वीकृत नक्शा, जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज, निर्माण की स्थिति, संभावित पूरा होने की तारीख, प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित बैंक खाता, प्रमोटर का पिछला रिकॉर्ड और संबंधित रियल एस्टेट एजेंट का पंजीकरण जरूर जांचें। उन्हें यह भी बताया गया कि केवल विज्ञापन, ब्रोशर या मौखिक दावों के आधार पर संपत्ति खरीदने का निर्णय नहीं लेना चाहिए। निवेश से पहले यूपी रेरा पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है।
बुकिंग के बाद भी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें
कार्यशाला में बताया गया कि संपत्ति की बुकिंग के बाद भी खरीदारों को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें आवंटन पत्र, एग्रीमेंट फॉर सेल, भुगतान की रसीदें और यूपी रेरा पोर्टल पर उपलब्ध प्रोजेक्ट से संबंधित जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने चाहिए। भविष्य में किसी तरह का विवाद होने पर ये दस्तावेज खरीदार के अधिकारों की रक्षा करने और शिकायत के समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
घर खरीदारों को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई
कार्यक्रम में घर खरीदारों को रेरा अधिनियम के तहत मिलने वाले उनके अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई। इनमें प्रोजेक्ट की सही और पूरी जानकारी प्राप्त करने, निर्धारित प्रारूप में एग्रीमेंट फॉर सेल करने, समय पर कब्जा और पंजीकरण प्राप्त करने, देरी होने पर ब्याज प्राप्त करने, कानून के अनुसार रिफंड लेने तथा भ्रामक विज्ञापन या कानून के उल्लंघन की स्थिति में मुआवजा मांगने जैसे अधिकार शामिल हैं। प्रतिभागियों को फॉर्म M और फॉर्म N के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।
किन मामलों में यूपी रेरा से संपर्क किया जा सकता है
प्रतिभागियों को बताया गया कि यदि प्रमोटर द्वारा एग्रीमेंट की शर्तों का पालन नहीं किया जाता है, कब्जा देने में देरी होती है, स्वीकृत नक्शे में बिना अनुमति बदलाव किया जाता है, अनुचित आर्थिक मांग की जाती है, बिना उचित कारण आवंटन रद्द किया जाता है या किसी ऐसे प्रोजेक्ट अथवा रियल एस्टेट एजेंट का पंजीकरण नहीं कराया गया है, जिसका RERA के तहत पंजीकरण जरूरी है, तो संबंधित व्यक्ति यूपी रेरा से उचित राहत के लिए संपर्क कर सकता है।
सवाल-जवाब सत्र में प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान
कार्यक्रम के अंत में सवाल-जवाब का एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने कब्जे में देरी, रिफंड, पंजीकरण, ब्याज, प्रमोटर की जिम्मेदारियों और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे। यूपी रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी और प्रधान सलाहकार अबरार अहमद ने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब दिया और रेरा अधिनियम के तहत उपलब्ध कानूनी उपायों और प्रक्रियाओं के बारे में मार्गदर्शन दिया।
यूपी रेरा मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता
कार्यक्रम में आगरा विकास प्राधिकरण के सचिव के साथ आगरा मंडल के विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। यूपी रेरा मुख्यालय से भी वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की। इनमें अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी, सचिव महेंद्र वर्मा, प्रधान सलाहकार अबरार अहमद, तकनीकी सलाहकार संजय तिवारी, राजस्व अधिकारी मिनाक्षी द्विवेदी, वित्त सलाहकार सुधांशु त्रिपाठी, सिस्टम एनालिस्ट गणेश मिश्रा, मीडिया सलाहकार प्रांजल दीक्षित और डॉ. आकाश यादव शामिल रहे।
कार्यशाला के माध्यम से यूपी रेरा ने उपभोक्ताओं को सुरक्षित और सोच-समझकर निवेश करने के लिए जागरूक करने, उनके अधिकारों की जानकारी देने साथ ही प्रदेश में अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता-केंद्रित रियल एस्टेट व्यवस्था को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
