प्रदेश की बदलती औद्योगिक तस्वीर, निवेशकों के बढ़ते विश्वास और रोजगार की नई संभावनाओं पर हुआ मंथन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बदलती औद्योगिक तस्वीर, निवेशकों के बढ़ते विश्वास और रोजगार की नई संभावनाओं पर मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मंथन एवं समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ’नन्दी’ मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। बैठक में मंत्री नन्दी ने इन्वेस्ट यूपी, उद्यमी मित्रों और जीएम डीआईसी द्वारा उद्योगों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में सभी से संवाद करते हुए मंत्री नन्दी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने आज यह साबित कर दिया है कि यदि नीति स्पष्ट हो, नीयत ईमानदार हो और व्यवस्था परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध हो, तो प्रत्येक निवेश प्रस्ताव को धरातल पर साकार किया जा सकता है। यही कारण है कि आज औद्योगिक विकास विभाग उद्योगों के विकास के नाम पर केवल एमओयू करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने कमिटमेंट और कार्यशैली के बल पर निवेश परियोजनाओं को वास्तविकता में परिवर्तित करने में अभूतपूर्व सफलता अर्जित की है।

यूपी की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई, निवेश और रोजगार में तेजी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बहुमूल्य मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक नए शिखर की ओर अग्रसर है। आज अपना उत्तर प्रदेश देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में तेजी से उभर रहा है। राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में उत्तर प्रदेश का योगदान लगभग 9.1 प्रतिशत है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश का जीएसडीपी लगभग रुपये 13.30 लाख करोड़ था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर लगभग रुपये 30.25 लाख करोड़ हो गया। आने वाले समय में इसे रुपये 39.8 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री नन्दी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का आर्थिक और औद्योगिक विकास सर्वस्पर्शी एवं सर्वव्यापी है। विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रदेश के प्रत्येक हिस्से तक पहुँच रहा है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 33,068 पंजीकृत कारखाने लगभग 38.09 लाख लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं, जिनमें 2.09 लाख से अधिक महिलाएँ भी शामिल हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि बढ़ता हुआ निवेश युवाओं एवं महिलाओं के लिए रोजगार और परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बन रहा है।
मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अब तक कुल चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से 16 हजार 478 परियोजनाओं में रुपये 12 लाख 10 हजार 274 करोड़ के निवेश को क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ाया जा चुका है। इसके साथ ही जीबीसी 5.0 की तैयारियाँ भी चल रही हैं। निवेशकों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए इन्वेस्ट यूपी जैसी समर्पित और संकल्पित व्यवस्था विकसित की गई है। उद्यमियों की समस्याओं के समाधान, आवश्यक अनुमोदनों, परियोजना क्रियान्वयन और निवेश के बाद भी आवश्यक सहयोग की दिशा में इन्वेस्ट यूपी ने प्रभावी भूमिका का निर्वहन किया है।

हर जिले में तय होगा वार्षिक निवेश लक्ष्य, औद्योगिक विकास पर जोर
मंत्री नन्दी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा एकदम स्पष्ट है कि निरंतर संवाद के माध्यम से निवेशकों की बात सुनते हैं और उनकी वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। आज प्रत्येक जनपद अपनी क्षमता और संभावना के आधार पर औद्योगिक विकास की यात्रा में आगे बढ़ रहा है। कहीं कृषि आधारित उद्योग, कहीं फूड प्रोसेसिंग, कहीं MSME, कहीं टेक्सटाइल, कहीं लॉजिस्टिक्स, कहीं सेवा क्षेत्र और कहीं नई तकनीक आधारित उद्योग स्थापित हो रहे हैं। डबल इंजन की सरकार स्थानीय संसाधन, स्थानीय प्रतिभा और स्थानीय उद्यमिता को वैश्विक बाजार से जोड़ रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार प्रत्येक जिले के लिए वार्षिक निवेश लक्ष्य निर्धारित करेगी और परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के लिए उद्यमी मित्रों तथा जिला उद्योग केंद्र (DIC) के अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं कार्य-प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन करेगी।
इस अवसर पर राज्य मंत्री औद्योगिक विकास जसवन्त सिंह सैनी, अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास आलोक कुमार, सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी, विजय किरण आनंद, एसीईओ इंवेस्ट यूपी प्रेरणा शर्मा, एसीईओ इन्वेस्ट यूपी शशांक चौधरी आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।
