किसानों के हित में समाधान पर जोर
लखनऊ। खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में आज बापू भवन स्थित उनके कार्यालय कक्ष में खाद्यान्न खरीद एवं सार्वजनिक वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर बैठक सम्पन्न हुई। मंत्री ने भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से संबंधित नौ प्रकरणों की समीक्षा की और प्रत्येक विषय के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि किसानों से खरीद, सहकारी समितियों के देयकों, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण और पात्र लोगों तक समय पर वितरण से जुड़े विषयों को संवेदनशीलता से देखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबित प्रकरणों के संबंध में उपलब्ध अभिलेखों और अद्यतन आँकड़ों के आधार पर प्रदेश का पक्ष स्पष्ट रूप से तैयार किया जाए, जिससे भारत सरकार के साथ सार्थक संवाद हो सके।
बैठक में गेहूँ खरीद पर विकास सेस की प्रतिपूर्ति तथा खरीफ विपणन मौसम 2017-18 के लिए सहकारी समितियों के कमीशन में संशोधन पर चर्चा हुई। मंत्री ने इन दोनों विषयों की स्थिति की समीक्षा करते हुए इनके नियमानुसार समाधान के लिए आवश्यक विवरण तैयार करने पर जोर दिया। खरीफ विपणन मौसम 2022-23 में खरीदे गए मोटे अनाज के वितरण से संबंधित रू0 118.243 करोड़ की बकाया खाद्य सब्सिडी का विषय भी बैठक में रखा गया।
खाद्य एवं रसद मंत्री ने नौ महत्वपूर्ण प्रकरणों की समीक्षा की; केंद्र के समक्ष तथ्यात्मक पक्ष रखने पर दिया जोर
मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक अंतरराज्यीय आवागमन, हैंडलिंग चार्ज और डीलर मार्जिन के मद में ₹632.04 करोड़ की बकाया केंद्रीय सहायता से संबंधित स्थिति की समीक्षा की। वर्ष 2024-25 के लिए जारी रू0 158.07 करोड़ की मदवार स्वीकृति तथा शेष प्रकरणों की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए उन्होंने लंबित धनराशि के संबंध में प्रभावी पैरवी की आवश्यकता बताई।
गेहूँ और कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की डिलीवरी की समीक्षा के दौरान राज्य तथा भारतीय खाद्य निगम के पत्रों में उपलब्ध आँकड़ों पर चर्चा हुई। मंत्री ने आपूर्ति और शेष मात्रा की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने को महत्वपूर्ण बताया। खाद्यान्न भंडारण क्षमता, खरीद की मात्रा और नियमित निकासी से जुड़े विवरण की भी समीक्षा की गई, ताकि आवश्यकतानुसार भंडारण व्यवस्था के संबंध में सकारात्मक पहल की जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त अनिल कुमार, अपर आयुक्त (खाद्य एवं रसद) कामता प्रसाद, अपर आयुक्त सत्यदेव तथा आरएफसी मुख्यालय अशोक कुमार पाल सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
