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यूपी में 11 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को ₹3,200 करोड़ से अधिक लागत पर मिली मंजूरी

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इकाइयों की संख्या में गौतम बुद्ध नगर अग्रणी, निवेश में गाजियाबाद शीर्ष पर

लखनऊ / गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण ने ₹3,212.63 करोड़ की अनुमानित लागत वाली 11 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है, जिससे राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी। यूपी के नौ जनपदों में स्वीकृत इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 2,914 आवासीय, वाणिज्यिक एवं मिश्रित प्रकार की इकाइयों जैसे फ्लैट, प्लॉट, विला तथा कार्यालय स्थल विकसित किए जाएंगे। इससे नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि देखने को मिलेगी।

यूपी रेरा मुख्यालय में आयोजित प्राधिकरण की 199वीं बैठक में ये स्वीकृतियां प्रदान की गईं। बैठक की अध्यक्षता यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी द्वारा की गई, जिसमें प्राधिकरण के सदस्यगण व वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णय राज्य में पारदर्शी विनियमन, सुव्यवस्थित विकास और घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति रेरा की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आवास की उपलब्धता बढ़ाना, वाणिज्यिक आधारभूत संरचना का विस्तार करना और विभिन्न जनपदों में संतुलित विकास को प्रोत्साहित करना है। यूपी रेरा ने स्पष्ट किया कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं की समयसीमा और नियामकीय प्रावधानों के अनुपालन के लिए निगरानी की जाएगी, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो और आवंटियों के लिए समय पर परियोजनाएं बनकर तैयार हो सकें।

नौ जनपदों में परियोजनाओं की स्वीकृति

निवेश के दृष्टिकोण से गाजियाबाद सबसे आगे रहा, जहां ₹1,108.69 करोड़ की अनुमानित लागत वाली एक परियोजना को स्वीकृति दी गई। इस आवासीय परियोजना में 568 इकाइयों का विकास किया जाएगा, जिससे जिले में आवासीय आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी और रियल एस्टेट निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

इकाइयों की संख्या के मामले में गौतमबुद्ध नगर सबसे आगे रहा। यहां ₹843.14 करोड़ की लागत वाली एक वाणिज्यिक परियोजना को स्वीकृति दी गई, जिसके अंतर्गत 1,077 आईटी कार्यालय स्थल का विकास होगा। इससे क्षेत्र में बढ़ते कॉर्पोरेट ढांचे को और मजबूती मिलेगी साथ ही यह प्रमुख व्यावसायिक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।

लखनऊ में ₹947.04 करोड़ की कुल लागत वाली दो परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से 815 इकाइयों का विकास होगा, जिनमें एक आवासीय और एक मिश्रित प्रकार की परियोजना शामिल है। इन परियोजनाओं से राज्य की राजधानी में आवासीय मांग और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

झांसी में ₹96.69 करोड़ की कुल लागत वाली दो परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिनमें 134 इकाइयों का विकास होगा। इनमें एक आवासीय और एक मिश्रित प्रकार की परियोजना शामिल है, जो क्षेत्र में सुव्यवस्थित शहरी विकास को बढ़ावा देंगी।

आगरा में ₹47.86 करोड़ की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी मिली, जिसके तहत 80 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाना है। मथुरा में ₹55 करोड़ की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई, जिसमें 86 आवासीय इकाइयां बनकर तैयार होंगी।

मेरठ में ₹3.11 करोड़ की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी मिली, जिसमें 35 आवासीय इकाइयां होंगी। इसी प्रकार बरेली में ₹98.50 करोड़ की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को स्वीकृति दी गई, जिसके अंतर्गत 100 आवासीय इकाइयों का विकास होगा। फिरोजाबाद में ₹12.60 करोड़ की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के माध्यम से 19 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, जिससे जिले में नियोजित आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

रोजगार और संबद्ध क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव

₹3,200 करोड़ से अधिक के कुल निवेश से निर्माण चरण के दौरान बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से श्रम बाल, निर्माण सामग्री, परिवहन, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी। इससे जुड़े क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और राज्य की समग्र आर्थिक वृद्धि को अधिक बल मिलेगा।

निवेशकों और घर खरीदारों के विश्वास में वृद्धि

उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट निवेश की निरंतरता राज्य सरकार की सुधारात्मक नीतियों और यूपी रेरा की प्रभावी नियामकीय निगरानी का सकारात्मक परिणाम है। सरल स्वीकृति प्रक्रिया, नियमित निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, साथ ही घर खरीदारों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की है। इन उपायों से राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही और स्थिरता को बढ़ावा मिल रहा है।

स्वीकृतियों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण पूरे उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट परियोजनाओं के पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर लगातार ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि नियामकीय प्रावधानों का सख्ती से पालन और स्वीकृत परियोजनाओं की निरंतर निगरानी से उनकी समय पर पूर्णता सुनिश्चित होगी और घर खरीदारों के हित सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 199वीं प्राधिकरण बैठक में लिए गए निर्णय राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में निरंतर प्रगति और संतुलित विकास को दर्शाते हैं।

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