नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि संसद में शुक्रवार को लोकतंत्र की एक बड़ी जीत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साजिश कर रही थी, जिसे पूरे विपक्ष की एकजुटता ने विफल कर दिया।
शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद में हुई यह घटना संविधान, देश और विपक्षी एकता की जीत है। महिला आरक्षण बिल पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसे तुरंत लागू करने के पक्ष में है। उनका कहना था कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू किया जाना चाहिए और महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जो प्रस्ताव लाई, वह वास्तविक महिला आरक्षण बिल नहीं था, बल्कि परिसीमन (Delimitation) से जुड़ा हुआ था। विपक्ष इस बात से सहमत नहीं हो सकता कि परिसीमन बिना जातिगत जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाए।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन था। उन्होंने कहा कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती थी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर राजनीति की जा रही है और सरकार की पूरी रणनीति का उद्देश्य सत्ता हासिल करना है। उनके अनुसार, इसके लिए महिलाओं के मुद्दे का इस्तेमाल किया गया।
