45 मिनट तक CPR के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका
डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बहुत कम अभिनेताओं में वह गहराई, विशिष्टता और दमदार उपस्थिति होती है, जो नाना पाटेकर में थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर ने प्रत्येक भूमिका में उल्लेखनीय बहुमुखी प्रतिभा और रचनात्मकता का परिचय देते हुए दर्शकों को ऐसे किरदार दिए जो पीढ़ियों तक याद रहेंगे। उन्हें उनके स्पष्ट और बेबाक विचारों के लिए भी सराहा जाता था। वे अपने विचारों को व्यक्त करने में कभी संकोच नहीं करते थे।
प्रधानमंत्री ने हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके निधन से एक बड़ी रिक्तता पैदा हो गई है। उन्होंने उनके परिजनों, मित्रों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा
“बहुत कम अभिनेताओं में वह गहराई, विशिष्टता और दमदार उपस्थिति होती है, जो नाना पाटेकर में थी। उन्होंने हर भूमिका में उल्लेखनीय बहुमुखी प्रतिभा और रचनात्मकता का परिचय दिया और हमें ऐसे किरदार दिए जिन्हें पीढ़ियां याद रखेंगी। उन्हें उनके स्पष्ट और बेबाक विचारों के लिए भी सराहा जाता था। वे अपनी बात कहने में कभी संकोच नहीं करते थे। हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान अतुलनीय था। उनके निधन से एक बड़ी रिक्तता पैदा हो गई है। उनके परिजनों, मित्रों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।”

नहीं रहे दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर, 75 साल की उम्र में निधन; गोवा में ली अंतिम सांस
हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में बेहोशी की हालत में पाया गया था। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नाना पाटेकर को गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया। इसके बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। निधन के बाद मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम कराया जाना है।

नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई। तिरंगा, ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
नाना पाटेकर को उनके अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।

श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।