TN

TotaRam News

What's Hot

PM ने अजमेर से 14 वर्षीय लड़कियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया

Table of Content

डेस्क। नरेन्द्र मोदी ने आज राजस्थान के अजमेर में 14 वर्षीय लड़कियों के लिए राष्ट्रव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया, जो गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को रोकने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कर्तव्य भवन से वर्चुअल तरीके से इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी.के. पॉल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास, सफदरजंग अस्पताल के निदेशक डॉ. संदीप बंसल और एम्स नई दिल्ली, सफदरजंग अस्पताल, आरएमएल अस्पताल तथा लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक भी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान को भारत की ‘नारी शक्ति’ को सशक्त बनाने और देश भर में माताओं-बेटियों के स्वास्थ्य की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि जब परिवार में मां बीमार पड़ जाती हैं, तो घर बिखर जाता है। मां स्वस्थ रहती हैं, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भावना के साथ सरकार ने महिलाओं की सहायता के लिए कई योजनाएं चलाई हैं।”
प्रधानमंत्री ने महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा के प्रति सरकार के संवेदनशील और मिशन-उन्मुख दृष्टिकोण पर जोर देते हुए स्वच्छता पहलों के तहत बड़े पैमाने पर शौचालय निर्माण, किफायती सैनिटरी पैड की उपलब्धता और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसे परिवर्तनकारी योजनाओं का उल्लेख किया, जिसने लाखों परिवारों के लिए स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन को सुनिश्चित किया है। प्रधानमंत्री ने सुरक्षित मातृत्व योजना के बारे में भी बात की, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 5,000 रुपये की राशि भेजी जाती है ताकि गर्भावस्था के दौरान उन्हें पौष्टिक भोजन मिल सके। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ये पहलें उपेक्षा की संस्कृति से हटकर महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति देखभाल, सम्मान और संवेदनशीलता पर आधारित संस्कृति की ओर बदलाव को दर्शाती हैं।
अजमेर में आयोजित इस राष्ट्रीय शुभारम्भ कार्यक्रम में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रशासक, राज्य स्वास्थ्य मंत्री, शिक्षा मंत्री के साथ-साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी अपने-अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश मुख्यालयों से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर वैश्विक स्तर पर और भारत में भी बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। भारत में महिलाओं में होने वाला यह दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसके प्रतिवर्ष 1 लाख 20 हजार से अधिक नए मामले और लगभग 80 हजार मौतें दर्ज की जाती हैं, जैसा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की 2022 की ग्लोबोकैन रिपोर्ट में बताया गया है। उच्च जोखिम वाले ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) प्रकारों, विशेष रूप से प्रकार 16 और 18 के लगातार संक्रमण को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्राथमिक कारण माना गया है। देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का उद्देश्य एचपीवी संक्रमण के संभावित खतरे से पहले लड़कियों को सुरक्षा प्रदान करके गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को रोकना है। यह टीका सुरक्षित और प्रभावी है तथा गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार एचपीवी स्ट्रेन से लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है। एचपीवी टीकाकरण को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और भारत के राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) सहित वैश्विक और राष्ट्रीय विशेषज्ञ निकायों ने मान्य और अनुशंसित किया है।

विश्व स्तर पर, 194 देशों में से 160 देशों ने अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों के तहत एचपीवी टीके को शामिल किया है। इनमें से 90 देशों ने एकल खुराक वाली टीकाकरण प्रणाली अपनाई है, जिनमें दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का बहुमत शामिल है। 80 देश अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में गार्डसिल-4 टीके का उपयोग कर रहे हैं। इनमें से 61 देश गार्डसिल-4 की एकल खुराक वाली टीकाकरण प्रणाली को लागू कर रहे हैं। एचपीवी टीके उन एचपीवी प्रकारों के कारण होने वाले गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को रोकने में 93-100 प्रतिशत तक प्रभावी हैं, जिन पर टीकाकरण का दायरा सीमित है। साक्ष्य यह भी दर्शाते हैं कि उच्च टीकाकरण कवरेज एचपीवी स्ट्रेन के प्रसार को कम करता है, जिससे बिना टीकाकरण वाले लोगों को भी अप्रत्यक्ष सुरक्षा मिलती है। भारत का राष्ट्रीय कार्यक्रम वैश्विक वैज्ञानिक साक्ष्यों और डब्ल्यूएचओ की सिफारिशों के अनुरूप, एकल खुराक अनुसूची में गार्डसिल-4 (क्वाड्रिवेलेंट: एचपीवी प्रकार 6, 11, 16, 18) का उपयोग करता है।

लक्षित जनसंख्या और कवरेज :

इस अभियान में 14 वर्ष की आयु की लड़कियां (वे लड़कियां जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है लेकिन अभी 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है) शामिल होंगी। भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) के 2021 के अनुमानों के अनुसार, 14 वर्ष की आयु की लड़कियों का वार्षिक समूह लगभग 1.2 करोड़ है, जिन्हें इस पहल से प्रतिवर्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

एचपीवी टीकाकरण अभियान की परिचालन योजना :

भारत में एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत की योजना सुरक्षा, व्यवस्था और निगरानी पर विस्तृत ध्यान देते हुए सावधानीपूर्वक बनाई गई है। टीकाकरण की अवधि : अभियान मोड में 3 महीने (90 दिन)। अभियान चरण की समाप्ति के बाद, एचपीवी वैक्सीन नियमित टीकाकरण सत्र के दिनों में उपलब्ध होगी।

सत्र स्थल : आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) – प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), उप-जिला अस्पताल (एसडीएच), जिला अस्पताल (डीएच), सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) जैसी केवल सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं।

खुराक और दवा देना : बाएं ऊपरी बांह में एकल खुराक (0.5 मिली) इंट्रामस्कुलर (आईएम) इंजेक्शन

टीकाकरण स्वैच्छिक है, निःशुल्क है और माता-पिता/अभिभावक की सहमति के बाद ही किया जाएगा

लाभार्थी यू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूर्व-पंजीकरण और अपॉइंटमेंट शेड्यूल कर सकते हैं, या नामित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर टीकाकरण करवा सकते हैं। माता-पिता/अभिभावक की सहमति अनिवार्य है और इसे यू-विन पर डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है, वहां निर्धारित प्रारूप के अनुसार हार्ड कॉपी में सहमति प्राप्त की जा सकती है। यू-विन प्लेटफॉर्म का उपयोग सत्र की योजना बनाने, पंजीकरण, रिकॉर्डिंग और रिपोर्टिंग के लिए किया जाएगा, जबकि ई-विन पोर्टल वैक्सीन स्टॉक और लॉजिस्टिक्स का प्रबंधन करेगा। तकनीकी और परिचालन संबंधी सभी पहलुओं को शामिल करते हुए राष्ट्रव्यापी क्षमता निर्माण अभ्यासों सहित व्यापक तैयारी गतिविधियां चलाई गई हैं। सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विस्तृत दिशानिर्देश साझा किए गए हैं।

इस कार्यक्रम में सख्त चिकित्सा दिशा-निर्देशों का पालन किया जाता है। निम्नलिखित मामलों में टीकाकरण स्थगित या टाला जा सकता है:

  • मध्यम या गंभीर बीमारी से पीड़ित लड़कियों के ठीक होने तक
  • जिन लड़कियों को पहले के टीकाकरण से गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया हुई हो
  • जिन लड़कियों को यीस्ट से एलर्जी होती है
  • लक्षित आयु वर्ग से बाहर की लड़कियां

जिन लड़कियों को पहले से ही कोई भी एचपीवी वैक्सीन (गार्डासिल, गार्डासिल-9, सर्वाइरिक्स या सर्वावैक) लग चुकी है, उनकी टीकाकरण स्थिति यू-विन पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी। सभी टीकाकरण सत्र प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में आयोजित किए जाते हैं, जिनमें कार्यात्मक कोल्ड चेन पॉइंट (सीसीपी) और टीकाकरण के बाद होने वाली किसी भी दुर्लभ प्रतिकूल घटना (एईएफआई) के प्रबंधन के लिए 24×7 सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ाव होता है। प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरू करने के बाद, स्थानीय कार्यक्रमों के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किए गए। देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान भारत की निवारक स्वास्थ्य देखभाल रणनीति में एक परिवर्तनकारी कदम का प्रतिनिधित्व करता है और वैज्ञानिक साक्ष्य तथा कार्यान्वयन तत्परता पर आधारित वितरण-उन्मुख शासन को दर्शाता है।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

देवरिया का दीर्घेश्वर नाथ मंदिर: महाभारत काल का वह शिव मंदिर जहां आज भी आते हैं अश्वत्थामा

चिरंजीवी अश्वत्थामा आज भी शिव आराधना करने आते हैं संजय मिश्र। देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की सलेमपुर तहसील अंतर्गत मझौली राज की धरती पर छोटी गंडक नदी (हिरण्यवटी नदी) के तट,स्थित एक स्वयं-भू शिव मंदिर की गाथाएं द्वापर युग यानी महाभारत काल से जुड़ी हैं। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित...

ITI Transformation: नई दिल्ली में सारथी टास्कफोर्स की पहली बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा

आईटीआई संस्थानों के समग्र परिवर्तन पर मंथन नई दिल्ली / लखनऊ। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के समग्र परिवर्तन के उद्देश्य से गठित सारथी (Strategic Advisory and Reforms Taskforce for Holistic ITI Transformation) की प्रथम बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय कौशल...

एलडीए की अनंत नगर योजना में 540 प्लॉटों का हुआ आवंटन

5,181 आवेदकों ने लिया हिस्सा लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शुक्रवार को अनंत नगर आवासीय योजना के 540 भूखण्डों का लॉटरी से आवंटन किया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के प्लूटो सभागार में हुये इस आयोजन में 5,181 आवेदकों के मध्य लॉटरी ड्रा की पर्चियां निकाली गयीं। लॉटरी में अपने नाम की पर्ची निकलने पर आवेदकों के...

लखनऊ जनेश्वर मिश्र पार्क रोज गार्डन में 40 डिग्री गर्मी में भी खिलखिला रहे गुलाब

एलडीए की पहल लखनऊ। जून का महीना और तापमान 40 डिग्री के पार। इसके बाद भी गुलाब के फूल खिलखिला रहे हैं। जनेश्वर मिश्र पार्क स्थित रोज गार्डेन में आपको यह अजूबा देखने को मिल सकता है। 12 जून, 2026 को राष्ट्रीय लाल गुलाब दिवस के अवसर पर रोज गार्डेन में जुटे पर्यावरण प्रेमियों ने...

झांसी में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम

जयवीर सिंह ने किया वृक्षारोपण और प्रदर्शनी का अवलोकन लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री एवं प्रभारी मंत्री जनपद झांसी और फर्रूखाबाद जयवीर सिंह 12 से 14 जून, 2026 तक भ्रमण पर रहेंगे। इन दोनों जनपदों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे तथा झांसी में केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूरा होने...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.