लखनऊ। समग्र शिक्षा (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) विषयक राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन सत्र में अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पाण्डेय, सहायक निदेशक प्रतिमा सिंह, तथा यूनिसेफ से प्रतिभा सिंह एवं कुमार विक्रम उपस्थित रहे।
अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब इसकी जानकारी विद्यालय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचे। उन्होंने प्रतिभागियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने जनपदों में नोडल शिक्षकों एवं अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करते हुए इस पहल को व्यापक स्तर पर लागू करें।कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर्स को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसे अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प व्यक्त किया। प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में विशेषज्ञों द्वारा किशोरियों के कानूनी संरक्षण, माननीय उच्चतम न्यायालय के जया ठाकुर प्रकरण में दिए गए हालिया निर्णय, विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) कॉर्नर स्थापित करने के उपाय तथा व्यवहार परिवर्तन से संबंधित व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए।
समापन के अवसर पर विशेषज्ञों ने आगामी कार्ययोजना, जिला स्तर पर प्रशिक्षण के क्रियान्वयन तथा विद्यालयों में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
