भारत के पहले पदक विजेता झंडू कुमार को केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने किया सम्मानित
डेस्क। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सोमवार को अपने आवास पर पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार को सम्मानित किया जिन्होंने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पहला पदक जीता है। झंडू ने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में 190 कि.ग्रा. के सर्वश्रेष्ठ भार के साथ कांस्य पदक जीता।
सब्जी बेचने से राष्ट्रमंडल पदक तक झंडू कुमार का सफर
डॉ. मांडविया ने बिहार के नालंदा जिले के एक साधारण परिवार से आने वाले झंडू को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मांडविया से मुलाकात के अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए पावरलिफ्टर ने कहा कि आज केंद्रीय खेल मंत्री से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। कितने लोगों को अपने जीवन में किसी केंद्रीय मंत्री से मिलने का मौका मिलता है। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि खेल में मेरी उपलब्धि के लिए मुझे सम्मानित किया जाएगा। डॉ. मांडविया ने मुझसे स्कॉटलैंड में मेरे अनुभव के बारे में पूछा। उनसे बातचीत करना बहुत अच्छा लगा।
जून 2023 में मुख्य पैरा कोच राजेंदर राहेलू द्वारा भारतीय खेल प्रधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एसएआई-एनसीओई) गांधीनगर में प्रशिक्षण के लिए चुने जाने से पहले, नालंदा के हरनौत में झंडू अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सब्जियां बेचता था और यहां तक कि ई-रिक्शा भी चलाता था।
पीएम मोदी के प्रोत्साहन से अभिभूत हुए झंडू कुमार
उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया पर उनकी उपलब्धि के बारे में पोस्ट किया तो वह रोमांच से भर गया। 29 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि पदक जीतने के बाद से उत्साह और जोश के कारण मुझे ठीक से नींद नहीं आई है। मेरा फोन लगातार बज रहा है। जब हमारे प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर मेरे बारे में लिखा तो मैं अभिभूत हो गया। मुझे लगता है कि भारतीय खेल इस स्तर तक उनके निरंतर प्रोत्साहन और खिलाड़ियों को समर्थन के कारण ही पहुंचा है। मुझे लगता है कि मैं एकमात्र ऐसा राष्ट्रमंड खेल पदक विजेता हूं जिसे अपने देश के प्रधानमंत्री से प्रोत्साहन मिला है।
ग्लासगो में मिली शानदार जीत से पहले इस पावरलिफ्टर ने खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2024 और 2025 में लगातार रजत और स्वर्ण पदक जीते थे। खेलो इंडिया के इस एथलीट की निगाहें अब जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर, 2026 तक होने वाले आगामी एशियाई पैरा गेम्स पर टिकी हैं।
झंडू ने कहा कि जब आपको देश के नेतृत्व से ऐसा समर्थन और सहयोग मिलता है तो आप और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं। मैं अपने परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए कुछ समय के लिए अपने गृहनगर जाऊंगा और फिर एशियाई पैरा गेम्स की तैयारी के लिए गांधीनगर लौट आऊंगा। चीन एक मजबूत दावेदार है लेकिन मैं अपने देश के लिए पदक हासिल करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा, मैं वादा करता हूं।
