युवाओं को सिखाई जाएगी अवधी पाक कला और आत्मनिर्भरता
लखनऊ। ‘यूनेस्को क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में वैश्विक पहचान बना चुके लखनऊ की पाक विरासत अब नई पीढ़ी तक पहुंचेगी। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत युवाओं को शहर की समृद्ध खानपान संस्कृति से जोड़ने की पहल कर रहा है। इसी क्रम में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम), लखनऊ 22 जून 2026 से चार दिवसीय ‘कुलिनरी एंड लाइफ-स्किल्स’ कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। इस प्रोग्राम में प्रतिभागियों को पाक कला के साथ आत्मनिर्भर जीवन कौशल का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सीमित सीटों वाले कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन 20 जून 2026 तक होंगे।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘स्वावलंबी जीवन के साथ प्रगति की ओर’ थीम पर आयोजित यह विशेष कोर्स युवाओं को आत्मनिर्भर जीवन के लिए तैयार करेगा। चार दिनों तक प्रतिभागी पाक कला, घरेलू प्रबंधन और दैनिक जीवन से जुड़े व्यावहारिक कौशल सीखेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना विकसित करना है। ‘निर्भरता से आत्मविश्वास की ओर’ की अवधारणा पर आधारित यह पहल उन्हें जीवन की छोटी-बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाएगी।’
प्रशिक्षण के दौरान क्या सीखेंगे?
चार दिवसीय इस प्रशिक्षण में युवा स्वाद, सेहत और आत्मनिर्भरता का संगम सीखेंगे। सुबह के पौष्टिक नाश्ते से लेकर लोकप्रिय देशी और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों तक, प्रतिभागियों को कई तरह के व्यंजन बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। वेजी ऑमलेट, सनी साइड अप एग्स, पीनट बटर एवं बनाना टोस्ट, फ्रूट एंड नट सलाद, अमेरिकन रैप्स और अर्राबियाटा पास्ता जैसे व्यंजनों के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल पर भी विशेष जोर रहेगा। प्रशिक्षण के दौरान स्प्राउट एवं पीनट सलाद, मल्टीग्रेन प्रोटीन पैनकेक और स्क्रैम्बल्ड एग्स विद म्यूसली जैसे पौष्टिक विकल्प तैयार करना सिखाया जाएगा। वहीं बनारसी दाल फरा, बॉम्बे स्टाइल पाव भाजी और घरेलू शैली की वेजिटेबल खिचड़ी जैसे पारंपरिक भारतीय व्यंजन भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे।
…ताकि भावी चुनौतियों का सामना कर पाएं
पाक कला ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन के अन्य जरूरी कौशल भी प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे। प्रतिभागियों को दैनिक जरूरतों के प्रबंधन, कपड़ों की देखभाल, रूममेट्स के साथ बेहतर संवाद और विवाद समाधान की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। सामूहिक भोजन, टेबल सेटिंग, फिटनेस, स्थान प्रबंधन और बिस्तर व्यवस्थित करने जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित होंगे। साथ ही बजट प्रबंधन, छोटे घरेलू मरम्मत कार्य और भोजन के अवशेषों के प्रभावी उपयोग की तकनीकें भी सिखाई जाएंगी। कार्यक्रम को पोषण, स्वास्थ्य, सामाजिक जीवन, समय प्रबंधन और स्वतंत्र निर्णय लेने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि युवा आत्मविश्वास के साथ स्वतंत्र जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकें।
युवा विरासत से जुड़ें और आगे बढ़ाएं- जयवीर सिंह
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘लखनऊ की खाद्य संस्कृति और पाक विरासत उत्तर प्रदेश की पर्यटन पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के माध्यम से युवाओं को स्थानीय खान-पान, आतिथ्य परंपराओं और व्यावहारिक जीवन कौशल से जोड़ा जा रहा है। ऐसे कार्यक्रम उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रदेश की समृद्ध पाक विरासत से भी परिचित कराते हैं। यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में गैस्ट्रोनॉमी श्रेणी में शामिल होने के बाद लखनऊ की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है। अपनी अवधी पाक परंपरा, विशिष्ट व्यंजनों और समृद्ध खाद्य संस्कृति के कारण यह शहर देश-विदेश के पर्यटकों और फूड प्रेमियों को लगातार आकर्षित कर रहा है। हमारा प्रयास है कि नई पीढ़ी इस विरासत को समझें, अपनाएं और आगे बढ़ाएं।’
