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PM Narendra Modi की प्रेरणा से भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज लॉन्च, स्कूल इनोवेशन लैब्स से बढ़ेगा नवाचार सहयोग

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भारत-फ्रांस इनोवेशन 2026:

फ्रांस/दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत-फ्रांस के बीच नवाचार-आधारित सहयोग को और गहरा करने के साझा संकल्प के मार्गदर्शन में, अटल नवाचार मिशन (एआईएम), नीति आयोग और ला फोंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स ने दोनों देशों के युवा नवप्रवर्तकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज की स्थापना की है।

यह पहल भारत के अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) मॉडल से प्रेरित होकर फ्रांस में पहली स्कूल नवाचार प्रयोगशाला की स्थापना करती है। इसके माध्यम से युवा विद्यार्थियों को सहयोग करने, नवाचार इकोसिस्टम के बीच संबंधों को मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय नवाचार सहयोग को गहरा करने के लिए एक संरचित मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इस सहयोग को औपचारिक रूप देने वाले आशय-पत्र (एलओआई) का आज फ्रांस में अटल नवाचार मिशन, नीति आयोग के निदेशक दीपक बागला और ला फोंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स के प्रबंध निदेशक मैरी-पियरे ओलास के बीच आदान-प्रदान किया गया।

भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज: वैश्विक नवाचार सहयोग मंच

भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज भारत और फ्रांस के नवाचार इकोसिस्टम के बीच सीमापार नवाचार कार्यक्रमों, उद्यमिता आदान-प्रदान तथा गहन सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में कार्य करेगा। ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और संयुक्त नवाचार गतिविधियों के माध्यम से यह पहल युवा नवप्रवर्तकों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान मिलकर करने तथा प्रारंभिक स्तर की नवाचार क्षमताओं को मजबूत करने में सक्षम बनाएगी। युवा नवप्रवर्तकों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों के बीच संबंधों को सुदृढ़ करके, इस पहल का उद्देश्य नवाचार की एक जीवंत संस्कृति को और विकसित करना तथा भारत और फ्रांस के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारियों को बढ़ावा देना है।

भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज पहल को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के दौरान शुरू किया जा रहा है, जो दोनों देशों के नवाचार-आधारित सहयोग को मजबूत करने और भविष्य के लिए प्रतिभाएं तैयार करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल स्कूल-स्तरीय नवाचार में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार करने तथा दोनों देशों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और नवाचार इकोसिस्टम के बीच सार्थक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत पर आधारित भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’—अर्थात् ‘पूरा विश्व एक परिवार है’—के भारत के प्राचीन सभ्यतागत दर्शन पर आधारित यह पहल इस विश्वास को प्रतिबिंबित करती है कि ज्ञान, नवाचार और प्रगति तभी सबसे अधिक सार्थक होते हैं, जब उन्हें साझा किया जाए। अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) की कार्यप्रणाली और नवाचार इकोसिस्टम दृष्टिकोण के आदान-प्रदान के माध्यम से भारत न केवल एक सिद्ध नवाचार मॉडल साझा कर रहा है, बल्कि साझेदारी, मित्रता और सामूहिक विकास की भावना को भी आगे बढ़ा रहा है।

इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अटल नवाचार मिशन (एआईएम) के मिशन निदेशक दीपक बागला ने कहा: “यह उपलब्धि भारत की नवाचार यात्रा में विश्व के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत एक ऐसे राष्ट्र के रूप में विकसित हुआ है, जो न केवल देश के भीतर नवाचार को प्रोत्साहित करता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक मॉडल और समाधान भी प्रदान करता है। जैसे-जैसे हम ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं, भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज जैसी पहल नवाचार, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती हैं। फ्रांस में स्कूल नवाचार प्रयोगशाला की स्थापना, जिसे भारत के अटल टिंकरिंग लैब इकोसिस्टम से जोड़ा जाएगा, केवल एक नए शिक्षण स्थल का निर्माण नहीं है, बल्कि यह उस दृष्टि को साझा करने का प्रयास है कि भौगोलिक सीमाओं से परे प्रत्येक युवा को नवाचार करने, सृजन करने और नेतृत्व करने का अवसर मिलना चाहिए।”

दसॉल्ट सिस्टम्स और भारत-फ्रांस एटीएल सहयोग पर विचार

अपने विचार साझा करते हुए ला फोंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स के प्रबंध निदेशक मैरी-पियरे ओलास ने कहा: “एक टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली माध्यम है। युवा पीढ़ी को खोजपरक और अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी सीखने और उन्हें समझने के लिए प्रेरित करना अत्यंत आवश्यक है। अटल इनोवेशन लैब्स इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए एक अनूठी पहल हैं, जो प्रारंभिक अवस्था से ही रचनात्मकता, प्रयोगधर्मिता और उद्यमशील कौशल को विकसित करती हैं। पिछले सात वर्षों से, भारत और फ्रांस में अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से, ला फोंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स नवाचार की इस सोच को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। मैं अटल नवाचार मिशन के सहयोग से हमारे दोनों देशों के संबंधों में उठाए गए इस नए कदम से अत्यंत प्रसन्न हूं, जो युवाओं और एक साझा नवोन्मेषी भविष्य की सेवा में समर्पित है।”

अटल नवाचार मिशन (एआईएम) की शुरुआत वर्ष 2016 में नरेन्द्र मोदी द्वारा देशभर में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में योगदान देने की दृष्टि से की गई थी। अपनी स्थापना के बाद से, एआईएम स्कूलों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत में नवाचार इकोसिस्टम के निर्माण और संवर्धन के लिए एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल के रूप में उभरा है। अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) आज दुनिया के सबसे बड़े स्कूल-आधारित नवाचार नेटवर्कों में से एक बन चुकी हैं, जो लाखों विद्यार्थियों को डिज़ाइन थिंकिंग, समस्या-समाधान, उभरती प्रौद्योगिकियों और उद्यमिता से संबंधित कौशलों से सशक्त बना रही हैं।

भारत का बड़ा नवाचार इकोसिस्टम और AIM की भूमिका

पिछले एक दशक में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े नवाचार इकोसिस्टम में से एक का निर्माण किया है। इस परिवर्तन के प्रमुख प्रेरक तत्वों में से एक अटल नवाचार मिशन (एआईएम),नीति आयोग रहा है, जिसने कक्षाओं से लेकर स्टार्टअप्स और उद्योग जगत तक नवाचार को बढ़ावा दिया है।

वर्ष 2016 से अब तक पूरे भारत में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) स्थापित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 1.1 करोड़ (11 मिलियन) से अधिक विद्यार्थियों को डिज़ाइन थिंकिंग, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, 3डी डिज़ाइन एवं प्रिंटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़ने का अवसर मिला है। अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) आंदोलन ने यह सिद्ध किया है कि नवाचार की शुरुआत जिज्ञासा से होती है और यह तब फलता-फूलता है जब युवा मस्तिष्कों को प्रयोग करने, सृजन करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान किया जाता है।

जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है, “भारत का भविष्य युवाओं द्वारा किए गए नवाचारों और कार्यों पर निर्भर करेगा।” भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज इसी कल्पना का प्रतीक है और मित्रता, सहयोग तथा युवा नवप्रवर्तकों और छात्र उद्यमियों की शक्ति में साझा विश्वास का एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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