लखनऊ। केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे “12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के” अभियान के अन्तर्गत 05 जून से 21 जून 2026 तक प्रदेश में समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज बाल मजदूरी को समाप्त करने के उद्देश्य से समुदाय व हितधारकों की सहभागिता हेतु लखनऊ में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
होटल बेबीयन इन, इन्दिरा नगर, लखनऊ में आयोजित कार्यशाला में स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा बाल श्रमिकों के अभिभावकों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों एवं बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य व सुरक्षा के अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया। वक्ताओं ने बाल मजदूरी की रोकथाम के लिए समुदाय की सक्रिय भूमिका पर बल दिया।
अभियान के तहत जनपद में हरदोईया गोसाईगंज, लखनऊ में श्रम प्रवर्तन अधिकारी शक्ति राय द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण कैम्प का आयोजन किया गया। शिविर में रक्तचाप, शुगर, एनीमिया आदि की जांच कर परामर्श दिया गया। चारबाग क्षेत्र के निर्माण स्थल पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी राम कुमार एवं इम्तेयाज अहमद अंसारी द्वारा उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया। पात्र श्रमिकों को बोर्ड की योजनाओं – चिकित्सा सहायता, शिक्षा सहायता, विवाह सहायता आदि के लाभों से अवगत कराते हुए अधिकाधिक पंजीकरण कराए जाने हेतु कैम्प लगाया गया।
बिलिंकिट स्टोर, आलमबाग में श्रम प्रवर्तन अधिकारी सन्तोष कुमार एवं पल्लवी सिंह द्वारा असंगठित क्षेत्र एवं गिग/प्लेटफार्म वर्कर्स के पंजीकरण हेतु विशेष शिविर लगाया गया। शिविर में ई-श्रम पोर्टल, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) तथा लघु व्यापारी मानधन योजना (NPS-Trader) के अन्तर्गत पंजीकरण कराते हुए श्रमिकों को वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभ समझाए गए। अपर श्रमायुक्त, लखनऊ क्षेत्र, कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि “12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के” अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुंचाना है। बाल श्रम मुक्त समाज व असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है।
