लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के संयुक्त सहयोग से एक दिवसीय ’“लोकोत्सव”’ का आयोजन कल ’28 अप्रैल 2026’ को प्रातः ’10ः00 बजे’ से ’सत्यजीत रे प्रेक्षागृह’, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ में किया जाएगा।
यह जानकारी निदेशक, लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान अतुल द्विवेदी ने दी। उन्होंने बताया कि यह आयोजन साहित्यिक संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समन्वित मंच होगा, जिसमें लोक कला, लोक संगीत एवं परंपरागत सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की समृद्ध प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम की ’मुख्य अतिथि’ के रूप में ’ कांता कर्दम (पूर्व राज्यसभा सांसद)’ की उपस्थिति रहेगी।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुतियों देंगे जिनमें शीशपाल (रोहतक)-हरियाणवी लोकनृत्य, नीता गुप्ता (मेरठ)-लोकगायन, अब्दुल हामिद (दिल्ली) – नट कला, रंजना नैब (सहारनपुर)- लोक में कृष्ण, गौरव साहा (मेरठ) – लोक में राम, सुखबीर सिंह (मथुरा) – अलगोजा वादन इसके अलावा संगोष्ठी में विद्वानों द्वारा लोक साहित्य एवं भाषा पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता-’ प्रो. विमलेश कांति वर्मा (प्रख्यात भाषाविज्ञ एवं लोक साहित्य विशेषज्ञ) इसके अलावा विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रो. कुसुमलता मलिक (दिल्ली विश्वविद्यालय), सुनंदा वर्मा (प्रसिद्ध कहानीकार, अनुवादक एवं पत्रकार, सिंगापुर) शामिल होंगे। यह “लोकोत्सव” लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करेगा, बल्कि आम जनमानस को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करेगा।
निदेशक, अतुल द्विवेदी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोक कला, लोक संगीत एवं परंपरागत अभिव्यक्तियोें को एक मंच पर लाकर इनके संरक्षण तथा अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने बतायाकि लोक जीवन में सांस्कृतिक परंपराओं का अत्यधिक महत्व है। यह हमारी विरासत है। इसको आगे बढ़ाना तथा सांस्कृतिक पुनरोत्थान तथा अपनी विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है।
