तेज रिकवरी से परिवार को मिली राहत
लखनऊ। KGMU लखनऊ में आधुनिक चिकित्सा का एक और सफल उदाहरण सामने आया है, जहां 7 वर्षीय बच्चे की रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से इंग्वाइनल हर्निया का सफल इलाज किया गया। मरीज श्रेयांश यादव, जो लखनऊ के कृष्णा नगर क्षेत्र का निवासी है, लेफ्ट इंग्वाइनल हर्निया से पीड़ित था। परिजन पहले कई अस्पतालों में इलाज के लिए गए, लेकिन वहां या तो अत्याधुनिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी या फिर ओपन सर्जरी के लिए अधिक खर्च बताया जा रहा था।
बाद में बच्चे को KGMU के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की ओपीडी में दिखाया गया, जहां जांच में बांयी तरफ अंडकोष में हर्निया की पुष्टि हुई। डॉक्टरों की सलाह पर 10 मार्च 2026 को बच्चे को भर्ती किया गया और रोबोटिक सर्जरी का विकल्प सुझाया गया। 16 मार्च 2026 को सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इस अत्याधुनिक तकनीक के कारण बच्चे को बहुत कम दर्द हुआ और तेज रिकवरी देखने को मिली। ऑपरेशन के अगले ही दिन बच्चा चलने-फिरने लगा और 18 मार्च को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इस सर्जरी में लगभग 60,000 रुपये का खर्च आया, जो अन्य निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम है। यह पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग द्वारा की गई दूसरी सफल रोबोटिक सर्जरी है, जो बच्चों के इलाज में नई संभावनाओं के द्वार खोलती है।
सर्जिकल टीम में प्रो. जे. डी. रावत, प्रो. आनन्द पाण्डेय, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. मनीष राजपूत और डॉ. अमोल अग्रवाल शामिल थे। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. विनीता सिंह और डॉ. नीलकमल ने किया, जबकि नर्सिंग स्टाफ ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। विश्वविद्यालय की कुलपति Prof. Sonia Nityanand ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि रोबोटिक सर्जरी के जरिए बच्चों में भी वयस्कों की तरह कम दर्द, कम समय में रिकवरी और बेहतर परिणाम संभव हो पाएंगे। KGMU में इस सुविधा के विस्तार से भविष्य में और अधिक मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
