TN

TotaRam News

What's Hot

Dashashwamedh Ghat Ganga Aarti: काशी में हर शाम दीपों से जगमगाता दिव्य दृश्य

Table of Content

काशी में दीपों की रोशनी और भक्ति का अलौकिक संगम

वाराणसी से संजय मिश्र की विशेष रिपोर्ट

वाराणसी। उत्तर प्रदेश का वाराणसी शहर केवल एक प्राचीन नगर नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत केंद्र माना जाता है। भगवान शिव की नगरी के रूप में विख्यात काशी में प्रतिदिन होने वाली गंगा आरती देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। शाम के समय गंगा तट पर दीपों, मंत्रों और भक्ति की स्वर लहरियों के बीच होने वाला यह आयोजन एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।

गंगा आरती की परंपरा और विकास

गंगा की पूजा-अर्चना भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है। उत्तर भारत के कई धार्मिक नगरों में गंगा आरती आयोजित की जाती है, लेकिन वाराणसी के दशाश्वमेध घाट की आरती को विशेष पहचान प्राप्त है।

मान्यताओं के अनुसार गंगा का पृथ्वी पर अवतरण मानव कल्याण और पापों के नाश के लिए हुआ था। इसी श्रद्धा और आस्था के प्रतीक के रूप में प्रतिदिन गंगा पूजन और आरती की परंपरा निभाई जाती है।

दशाश्वमेध घाट पर व्यवस्थित रूप से गंगा आरती की शुरुआत वर्ष 1991 में हुई थी। बाद के वर्षों में इसे नियमित स्वरूप मिला और धीरे-धीरे यह आयोजन वाराणसी की पहचान बन गया। आज इसका संचालन सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से सुव्यवस्थित ढंग से किया जाता है।

कैसे संपन्न होती है गंगा आरती

संध्या होते ही घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है। आरती शुरू होने से पहले पूरा वातावरण भक्ति और उत्साह से भर जाता है। विशेष वेशभूषा में सुसज्जित अर्चक निर्धारित मंचों पर खड़े होकर विधिवत अनुष्ठान आरंभ करते हैं। शंखध्वनि, घंटों की गूंज और वैदिक मंत्रों के बीच धूप, दीप, कपूर और अन्य पूजन सामग्री से मां गंगा की आराधना की जाती है। बड़े-बड़े दीपदानों को एक निश्चित लय और क्रम में घुमाया जाता है, जिससे पूरे घाट का दृश्य अत्यंत मनोहारी बन जाता है।आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु भक्ति गीतों और स्तुतियों में सहभागी बनते हैं। दीपों की चमक और गंगा की लहरों पर पड़ती उनकी परछाइयां वातावरण को अलौकिक बना देती हैं।

कब और कहां देखें गंगा आरती

दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन शाम को गंगा आरती आयोजित की जाती है। मौसम के अनुसार समय में थोड़ा परिवर्तन हो सकता है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण बेहतर स्थान प्राप्त करने के लिए समय से पहले पहुंचना उपयुक्त माना जाता है।

इसके अलावा अस्सी घाट पर सुबह आयोजित होने वाला ‘सुबह-ए-बनारस’ कार्यक्रम भी काफी लोकप्रिय है, जिसमें योग, संगीत और आध्यात्मिक गतिविधियों का समावेश रहता है।

धार्मिक महत्व के साथ सांस्कृतिक पहचान

दशाश्वमेध घाट का उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है। यह स्थान काशी की धार्मिक परंपराओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि गंगा आरती का दर्शन आध्यात्मिक शांति और पुण्य प्रदान करता है।

समय के साथ यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वाराणसी की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन गया है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इसे भारतीय सभ्यता और आध्यात्मिकता के अद्भुत संगम के रूप में देखते हैं।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा

गंगा आरती ने वाराणसी के पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नाव संचालन, होटल व्यवसाय, फूल और प्रसाद विक्रय सहित कई क्षेत्रों में हजारों लोगों की आजीविका इस आयोजन से जुड़ी हुई है।

विशेष अवसरों और त्योहारों के दौरान घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलता है।

स्वच्छता और जनजागरूकता का संदेश

गंगा आरती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का माध्यम भी है। आयोजन से पहले घाटों की सफाई की जाती है और लोगों को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाता है।

आस्था का अद्भुत संगम

जब संध्या के समय गंगा तट पर दीपों की पंक्तियां जगमगाती हैं, शंख और घंटियों की ध्वनि गूंजती है तथा श्रद्धालुओं की सामूहिक प्रार्थना वातावरण में फैलती है, तब काशी का स्वरूप अद्वितीय दिखाई देता है।

गंगा आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि काशी की जीवंत आत्मा का प्रतीक है। यही कारण है कि यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस अनुभव को अपने जीवन की यादगार स्मृतियों में संजोकर ले जाता है।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

9 thoughts on “Dashashwamedh Ghat Ganga Aarti: काशी में हर शाम दीपों से जगमगाता दिव्य दृश्य

  1. काशी विश्वनाथ धाम की जय हो 🙏🙏

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Mailani-Nanpara Train: शारदा नदी के कटान से 1 सितंबर से सभी ट्रेनें अनिश्चितकाल के लिए बंद

शारदा नदी के कटान से लिया गया बड़ा फैसला संजय मिश्र। लखीमपुर खीरी / बहराइच। पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के आखिरी बचे ऐतिहासिक मीटरगेज रेलखंड मैलानी–नानपारा पर ट्रेनों का संचालन 1 सितंबर 2026 से अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जा रहा है। भीरा खीरी और पलिया कलां के बीच उफान पर बह रही शारदा नदी के...

प्रयागराज में राज्य स्तरीय पठन संस्कृति महोत्सव “स्क्रीन से पन्नों तक” का आयोजन

हर घर, हर विद्यालय में किताबों के लिए हो एक जगह और हर दिन हो एक समय पढ़ने के लिए प्रयागराज / लखनऊ। पुस्तकालय प्रकोष्ठ, माध्यमिक शिक्षा विभाग उ.प्र. शासन द्वारा पठन संस्कृति को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों को मोबाइल एवं डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से होने वाली हानियों के प्रति जागरूक करने तथा उनमें...

Lucknow Cantonment: राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने ₹100 करोड़ की 14 विकास परियोजनाओं का किया भूमि पूजन

रक्षा मंत्री ने 4,000 लोगों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’ सुनी लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 अगस्त, को उत्तर प्रदेश की लखनऊ छावनी में 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 14 विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन किया। इनमें राज्य सरकार के...

Aranmula Vallamkali का शुभारंभ, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने बताई केरल की सांस्कृतिक विरासत

अरनमुला वल्लमकली केरल की परंपरा और एकता का प्रतीक: उपराष्ट्रपति डेस्क। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज पंबा नदी पर अरनमुला उथ्रित्तथी वल्लमकली का शुभारंभ किया। उपराष्ट्रपति ने इस उत्सव को केरलम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भक्ति और शाश्वत परंपराओं का एक गौरवशाली प्रतीक बताया। केरलम के हाल ही में राज्य का नाम बदलने पर जनता...

उत्तर प्रदेश के 223 SC छात्रावासों के लिए ₹12.45 करोड़ मंजूर, असीम अरुण ने दिए निर्देश

विद्यार्थियों को मिलेगा सुरक्षित और बेहतर आवासीय वातावरण लखनऊ। प्रदेश के राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी 223 राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों के रखरखाव, मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.