प्रदेश के आईटी पारितंत्र को सुदृढ़ करने में कंपनी की भूमिका को सराहा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने आज इनमोबी के लखनऊ कार्यालय में कंपनी के साथ संस्थागत संवाद कार्यक्रम में सहभागिता की। कंपनी की ग्लोबल एसवीपी डॉ. सुबी चतुर्वेदी द्वारा कराये गये निर्देशित भ्रमण के दौरान उन्होंने केंद्र की अवसंरचना एवं कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। तदुपरांत डॉ. चतुर्वेदी की मेजबानी में उन्होंने उत्तर प्रदेश से वैश्विक बाजारों के लिए उत्पाद तैयार कर रहे 100 से अधिक अभियंताओं, उत्पाद विशेषज्ञों एवं प्रौद्योगिकी पेशेवरों से संवाद किया।
इनमोबी की टीम को सम्बोधित करते हुए प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा, “सूचना प्रौद्योगिकी एवं तकनीक क्षेत्र उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास की रूपरेखा के केंद्र में हैं तथा ‘एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य की प्राप्ति में इनकी भूमिका निर्णायक है। देश की पहली यूनिकॉर्न कंपनी इनमोबी की उत्तर प्रदेश में उपस्थिति प्रदेश को एक उभरते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अग्रणी के रूप में और अधिक सुदृढ़ करती है।” उन्होंने निरंतर सीखने, पुनर्कौशल एवं कौशल उन्नयन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
InMobi बढ़ाएगा AI इनोवेशन और रोजगार
इनमोबी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मुख्य कॉर्पोरेट मामले तथा लोक नीति अधिकारी डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने प्रमुख सचिव का स्वागत करते हुए कहा, “आलोक कुमार के मार्गदर्शन में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ मिशन को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभायी है। विभाग द्वारा सृजित उद्योग-अनुकूल नीतिगत वातावरण ने प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी पारितंत्र को सुदृढ़ किया है तथा सम्पूर्ण प्रदेश में निवेश, नवाचार एवं रोजगार सृजन को प्रोत्साहित किया है।”
नवीन तिवारी के प्रदेश के प्रति गहरे लगाव एवं उनके नेतृत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने स्थानीय प्रतिभा के विकास, सुदृढ़ संकाय एवं छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम की स्थापना तथा विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रासंगिक समस्याओं के समाधान हेतु ‘यूज़ केस’ विकसित करने के प्रति इनमोबी की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कई महत्वपूर्ण सहभागिताएँ प्रक्रियाधीन हैं, जिनके माध्यम से कृषि, शिक्षा, कौशल विकास, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन, विनिर्माण तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्रियान्वयन जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट एआई ‘यूज़ केस’ तैयार किये जायेंगे, जिससे क्षेत्र के एमएसएमई एवं उद्यमियों की उत्पादकता में वृद्धि होगी।
लखनऊ बनेगा InMobi का दूसरा डीप-टेक रिसर्च सेंटर
अपने संवाद के दौरान प्रमुख सचिव ने लखनऊ एवं कानपुर जैसे शहरों में इस प्रकार की पहलों को स्थापित किये जाने के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्र प्रदेश के विशाल एवं अत्यंत सक्षम प्रतिभा-समूह को उनके अपने क्षेत्र में ही सार्थक अवसर उपलब्ध कराते हैं तथा कुशल पेशेवरों को उत्तर प्रदेश में ही बनाये रखने में सहायक सिद्ध होते हैं।
यह भ्रमण इनमोबी द्वारा अपने वैश्विक नवाचार नेटवर्क में लखनऊ को दीर्घकालिक केंद्र के रूप में स्थापित किये जाने के निर्णय के पश्चात हुआ है। कंपनी के अनुसार यह केंद्र जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग ऑपरेशंस, ऑटोमेशन तथा वृहद स्तर की एआई अवसंरचना जैसे उन्नत क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। कंपनी ने आगामी वर्षों में लगभग 500 डीप-टेक अभियंताओं, उत्पाद विशेषज्ञों एवं डेटा साइंस पेशेवरों की भर्ती का प्रस्ताव रखा है। इस पहल से क्षेत्र में 3,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की सम्भावना है।
इनमोबी समूह के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवीन तिवारी पूर्व में यह संकल्प व्यक्त कर चुके हैं कि लखनऊ को एक सहायक इकाई के रूप में नहीं, अपितु अत्याधुनिक शोध के द्वितीय केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा। उत्तर प्रदेश से सम्बद्ध तीन सह-संस्थापकों वाली इनमोबी लखनऊ में अपना कार्यालय स्थापित करने वाली देश की पहली डीप-टेक कंपनी बनी है।
