डेस्क। आज Bhimrao Ramji Ambedkar की 135वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जा रहा है। सत्तापक्ष और विपक्ष के अनेक प्रमुख नेताओं ने बाबा साहब को नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया। संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर Narendra Modi, Mallikarjun Kharge सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले आंबेडकर को समानता और ज्ञान के प्रतीक माना जाता है। आंबेडकर को विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। आंबेडकर की पहली जयंती सदाशिव रणपिसे इन्होंने 14 अप्रैल 1928 में पुणे नगर में मनाई थी। रणपिसे आंबेडकर के अनुयायी थे। उन्होंने आंबेडकर जयंती की प्रथा शुरू की। वे भारतीय संविधान के शिल्पकार थे और उनके विचार आज भी समाज को दिशा देते हैं। उनकी जयंती हर वर्ष उनके योगदान के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाई जाती है।
इस अवसर परप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में बाबासाहेब अम्बेडकर का अद्वितीय योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डॉ. अम्बेडकर का जीवन और उनके आदर्श नागरिकों को एक न्यायपूर्ण, समावेशी और प्रगतिशील समाज बनाने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि डॉ. अम्बेडकर का व्यक्तित्व और उनके कार्य राष्ट्र के विकास के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक शक्ति बने रहेंगे। “डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र निर्माण की दिशा में उनके प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक हैं। उनका जीवन और उनके आदर्श एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।”
वहीं, Rahul Gandhi ने कहा कि कुछ शक्तियां सुनियोजित तरीके से आंबेडकर की विरासत और संविधान को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं, और उन्होंने उनके आदर्शों की रक्षा करने का संकल्प दोहराया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आज संविधान पर खतरा मंडरा रहा है और हमें बाबासाहेब द्वारा स्थापित सिद्धांतों की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए।
Priyanka Gandhi Vadra ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से हर भारतीय को स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व का अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों की रक्षा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
