साइबर ठगी के लिए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाला गिरोह पकड़ा गया
संजय मिश्र।
देवरिया। देवरिया साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी बैंक खातों की खरीद-फरोख्त और साइबर ठगी की रकम के लेन-देन करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 4 एटीएम कार्ड, 4 बैंक पासबुक, 3 आधार कार्ड (जिनमें 2 फर्जी), 1 सिम कार्ड तथा ₹13,620 नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों की जांच के दौरान की गई। गिरफ्तार आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को खरीदे गए बैंक खातों में मंगाकर एटीएम और चेक के माध्यम से तत्काल निकासी करते थे। इसके बाद कमीशन काटकर शेष रकम गिरोह के संचालकों तक पहुंचाई जाती थी। प्रत्येक बैंक खाते के बदले आरोपियों को ₹10,000 से ₹15,000 तक का कमीशन मिलता था।
डिजिटल अरेस्ट और फ्रॉड की रकम खपाने वाले नेटवर्क का खुलासा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में हुए इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और अन्य साइबर अपराधों से अर्जित धनराशि के लेन-देन के लिए किया जाता था। निकाली गई रकम का एक हिस्सा एजेंटों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया जाता था।
पुलिस ने इस मामले में साइबर क्राइम थाना देवरिया पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया कि बरामद दो फर्जी आधार कार्ड का उपयोग बैंक खाते खुलवाने और पहचान छिपाने के लिए किया जाता था।
देवरिया पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना भी कानूनन अपराध है और इसमें संलिप्त पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
