- सतत विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु कोका-कोला इंडिया–इन्वेस्ट यूपी के बीच करार
- कोका-कोला इंडिया और इन्वेस्ट यूपी की साझेदारी से उत्तर प्रदेश में सामुदायिक व पर्यावरणीय पहल को मिलेगा बल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सामुदायिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता को नई गति देने के लिए कोका-कोला इंडिया ने ‘इन्वेस्ट यूपी’ के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस रणनीतिक साझेदारी का आधिकारिक आदान-प्रदान इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरन आनंद की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कोका-कोला इंडिया और एसएलएमजी बेवरेजेज प्रा. लि. के कार्यकारी निदेशक विवेक लाधानी, निदेशक सिद्धार्थ लाधानी तथा कोका-कोला इंडिया की टीम के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने राज्य में सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता जताई।
पर्यटन स्थलों पर पर्यावरणीय ढांचा मजबूत करने और स्थानीय समुदायों को रोजगार से जोड़ने के लिए यह साझेदारी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के तहत जल संरक्षण के बुनियादी ढांचे, आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन और रीसाइक्लिंग प्रणालियों को सुदृढ़ किया जाएगा। विशेषकर अधिक पर्यटकों वाले स्थानों पर नागरिक सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा ताकि आगंतुकों को विश्व स्तरीय अनुभव मिल सके। यह दूरगामी पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण, बल्कि सामाजिक उत्थान की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
इस अवसर पर विजय किरण आनंद ने कहा कि यह सहयोग राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ सततता को जोड़ने और निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता के उपयोग का प्रतिबिंब है।
कोका-कोला इंडिया एवं साउथवेस्ट एशिया की वाइस प्रेसिडेंट (पब्लिक अफेयर्स, कम्युनिकेशंस एवं सस्टेनेबिलिटी) देवयानी आरएल राणा ने कहा कि कंपनी राज्य सरकार के साथ मिलकर जल संरक्षण को मजबूत करने, अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों में सुधार लाने और सामुदायिक पहलों के माध्यम से आजीविका को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह साझेदारी उत्तर प्रदेश में पर्यावरणीय जिम्मेदारी और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में कोका-कोला इंडिया की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कोका-कोला इंडिया देश की अग्रणी पेय कंपनियों में से एक है, जो हाइड्रेशन, स्पार्कलिंग, जूस, डेयरी और न्यूट्रिशन सेगमेंट में विविध उत्पाद पोर्टफोलियो के साथ देशभर में मजबूत रिटेल नेटवर्क के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाती है।
