धार्मिक आस्था और कायस्थ समाज का प्रमुख केंद्र, श्रद्धालुओं की बढ़ रही आस्था
लखनऊ/सुल्तानपुर। जनपद सुल्तानपुर के ऐतिहासिक सीताकुण्ड परिसर में स्थित श्री चित्रगुप्त धाम मंदिर अब एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। भगवान चित्रगुप्त को समर्पित यह पवित्र स्थल विशेष रूप से कायस्थ समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। गोमती तट के समीप स्थित यह धार्मिक स्थल अपनी पौराणिक मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत के कारण लंबे समय से श्रद्धा का केंद्र रहा है।
धार्मिक महत्व और पर्यटन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं समग्र विकास का कार्य कराया जा रहा है। लगभग 2 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना का करीब 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य तेजी से प्रगति पर है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह स्थल न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनेगा, बल्कि एक विकसित पर्यटन केंद्र के रूप में भी उभरेगा।
ऐतिहासिक पहचान को मिल रहा नया स्वरूप
श्री चित्रगुप्त धाम का इतिहास और धार्मिक महत्व इसे अन्य मंदिरों से अलग पहचान देता है। मान्यता है कि भगवान चित्रगुप्त मानव के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं और धर्म एवं न्याय के प्रतीक माने जाते हैं। इसी कारण यह स्थल विशेष रूप से धार्मिक अनुष्ठानों, पूजन और सामाजिक आयोजनों का केंद्र बना हुआ है। सीताकुण्ड क्षेत्र स्वयं भी एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जहां वर्षों से स्नान पर्वों और धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही है।
श्रद्धालुओं के लिए विकसित हो रही आधुनिक सुविधाएं
मंदिर परिसर के कायाकल्प के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसमें मंदिर परिसर का सुंदरीकरण, पथ-निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता सुविधाएं और अन्य आधारभूत ढांचे का विकास शामिल है। साथ ही परिसर में उद्यान और अन्य आकर्षक संरचनाओं के निर्माण की भी योजना है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि,“सुल्तानपुर के सीताकुण्ड स्थित श्री चित्रगुप्त धाम हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। मंदिर परिसर का हो रहा सौंदर्यीकरण श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के साथ इस स्थल की गरिमा को और बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ऐसे धार्मिक स्थलों को विकसित कर प्रदेश को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।”
आस्था और पर्यटन का संगम बनेगा चित्रगुप्त धाम
प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे आस्था के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके। श्री चित्रगुप्त धाम का यह विकास कार्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके पूर्ण होने के बाद सुल्तानपुर जिले को एक नए धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बल मिलेगा। इस प्रकार सीताकुण्ड स्थित श्री चित्रगुप्त धाम न केवल अपनी धार्मिक गरिमा को पुनर्स्थापित कर रहा है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के साथ एक सशक्त आस्था और पर्यटन केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि, “श्री चित्रगुप्त धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि स्प्रिचुएल टूरिज्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। इसके विकास के माध्यम से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के साथ एक समग्र और दिव्य तीर्थ अनुभव तैयार किया जा रहा है। इस प्रकार की पहलें हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए प्रदेश को स्प्रिचुएल और कल्चरल टूरिज्म के प्रमुख हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।”
