किसानों की सुविधा को दी जाए सर्वोच्च प्राथमिकताः जितेन्द्र प्रताप सिंह
अलीगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश में मंडी व्यवस्थाओं को प्रभावी, पारदर्शी, स्वच्छ, अतिक्रमणमुक्त एवं किसान-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश, जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशानुसार मंडी परिसरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं अतिक्रमणमुक्त बनाए रखने के लिए विशेष सफाई अभियान एवं अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, आवक एवं निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा मंडी परिसरों में किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में अलीगढ़ मंडल की मंडी समितियों में भी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मंडी समितियों एवं आसपास की सड़कों पर धान की भारी आवक के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मंडी प्रशासन द्वारा जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के सहयोग से लगातार समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धान की बिक्री के लिए मंडी पहुंचने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा उनकी उपज की बिक्री एवं मंडी से निकासी की प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
अलीगढ़ मंडियों में 42.40% बढ़ी धान की आवक, बेहतर दाम से किसान उत्साहित
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंडी परिसरों में स्वच्छता, अतिक्रमण नियंत्रण, यातायात प्रबंधन एवं सुचारु आवक-निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। मंडी प्रशासन का प्रयास है कि धान की बढ़ी हुई आवक के बावजूद किसानों को अपनी उपज मंडी तक लाने, उसका विक्रय करने तथा मंडी से बाहर निकलने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मंडियों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाए रखने के लिए विशेष अभियान एवं आवश्यक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
अलीगढ़ संभाग में कुल 12 मंडी समितियां हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में संभाग की मंडी समितियों में धान की आवक में गत वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। माह सितंबर 2025 में धान की कुल आवक 15,93,721 कुंतल थी, जबकि माह सितंबर 2026 में यह बढ़कर 18,48,782 कुंतल हो गई। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में 2,55,061 कुंतल अधिक धान की आवक हुई है, जो लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार गत वर्ष माह अक्टूबर 2025 में दिनांक 01 अक्टूबर 2025 से 07 अक्टूबर 2025 तक धान की आवक 11,66,200 कुंतल थी, जबकि वर्तमान वर्ष माह अक्टूबर 2026 में दिनांक 01 अक्टूबर 2026 से 07 अक्टूबर 2026 तक धान की आवक बढ़कर 16,60,727 कुंतल हो गई है। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में 4,94,527 कुंतल की वृद्धि हुई है, जो लगभग 42.40 प्रतिशत अधिक है।
07 अक्टूबर 2026 तक गत वर्ष की तुलना में माह अक्टूबर में मंडी समिति अलीगढ़ में 1,11,811 कुंतल, खैर में 1,54,655 कुंतल, छर्रा में 36,297 कुंतल, अतरौली में 19,767 कुंतल, एटा में 44,564 कुंतल, कासगंज में 53,005 कुंतल, हाथरस में 58,724 कुंतल तथा मंडी समिति सिकंदराराऊ में 14,207 कुंतल अधिक धान की आवक दर्ज की गई है। धान की आवक में इस उल्लेखनीय वृद्धि का एक प्रमुख कारण किसानों को मिल रही बेहतर कीमत भी है। गत वर्ष धान की दर लगभग ₹2,500 से ₹3,000 प्रति कुंतल थी, जबकि वर्तमान वर्ष में धान की दर लगभग ₹3,500 से ₹4,300 प्रति कुंतल के बीच है। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में धान की कीमत में लगभग ₹1,200 प्रति कुंतल तक का अंतर होने के कारण किसान बड़ी मात्रा में अपनी उपज मंडी समितियों में लेकर पहुंच रहे हैं।
