बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर कार्रवाई
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश ने नियमों का पालन न करने वाले प्रदेश के 465 मान्यता प्राप्त हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों की मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। इस व्यापक कार्रवाई में प्रयागराज जिले के 25 विद्यालय भी शामिल हैं। परिषद की जांच में सामने आया कि इन विद्यालयों से पिछले दो वर्षों के दौरान एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुआ था।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने समीक्षा के बाद मान्यता निरस्त किए गए विद्यालयों की आधिकारिक सूची जारी करते हुए बताया कि संबंधित संस्थानों को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। निर्धारित अवधि के भीतर संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत न किए जाने पर उनकी मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि ये विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय मान्यता नियमावली के तहत निर्धारित अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं कर रहे थे। शासन एवं बोर्ड स्तर पर हुई आकस्मिक निरीक्षण और परीक्षण प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।
सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन विद्यालयों की मान्यता रद्द की गई है, वे शैक्षिक सत्र 2025-26 से किसी भी कक्षा में नए विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं ले सकेंगे। साथ ही सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को निर्देश दिए गए हैं कि इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। यूपी बोर्ड की इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
