गंगा घाट पर शहनाई वादन की तस्वीर चर्चा में
संजय मिश्र।
वाराणसी। भीषण गर्मी और उमस से परेशान बनारसवासियों को बुधवार को मौसम में अचानक आए बदलाव से बड़ी राहत मिली। तेज आंधी और लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी और मौसम सुहाना हो गया।
मौसम विभाग की सामान्य भविष्यवाणी के बीच इस बदलाव की चर्चा इसलिए और तेज हो गई क्योंकि एक दिन पहले शहर में गंगा घाट पर एक अनोखा दृश्य सामने आया था।
16 जून को प्रसिद्ध शहनाई वादक प्रसन्ना जी गंगा नदी में कमर तक पानी में खड़े होकर शहनाई बजाते नजर आए थे। उन्होंने बताया था कि भीषण गर्मी से राहत और बेहतर मौसम की कामना के लिए उन्होंने पारंपरिक धुनों के माध्यम से “मेघ राग” प्रस्तुत किया। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई थी और इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थीं।
अगले ही दिन मौसम ने करवट ली और बनारस में तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली और वातावरण ठंडा हो गया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर शहनाई वादन की तस्वीरों और बारिश के बीच संबंध को लेकर चर्चा तेज हो गई। कुछ लोगों ने इसे केवल संयोग बताया, जबकि कई लोगों ने बनारस की परंपरागत कला और संगीत की समृद्ध विरासत से जोड़कर भी देखा। बनारस, जो अपनी सांस्कृतिक परंपराओं, संगीत और घाटों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, एक बार फिर अपनी अनोखी पहचान को लेकर चर्चा में है।
