SEED BASIC-1.0 कार्यशाला का शुभारंभ, देशभर से आए चिकित्सकों ने लिया हिस्सा; कमर दर्द और सायटिका के उपचार में मिनिमल इनवेसिव तकनीकों पर विशेष फोकस
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के एनेस्थिसियोलॉजी विभाग की पेन मेडिसिन यूनिट ने एनाटॉमी विभाग के सहयोग से “SEED BASIC-1.0: Spine Endoscopy Education and Dissection (Series-1)” का शुभारंभ किया। इंडियन सोसाइटी ऑफ पेन क्लीनिशियन्स (ISPC) के तत्वावधान में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एंडोस्कोपिक स्पाइन प्रक्रियाओं और आधुनिक दर्द निवारण तकनीकों के क्षेत्र में चिकित्सकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पेन मेडिसिन यूनिट की प्रभारी एवं प्रोफेसर डॉ. सरिता सिंह ने की। आयोजन का संचालन डॉ. मनीष सिंह एवं डॉ. अभिषेक द्वारा किया गया। कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सकों ने भाग लिया, जिनमें दक्षिण भारत के कई विशेषज्ञ डॉक्टर भी शामिल रहे। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और आधुनिक स्पाइन एंडोस्कोपी तकनीकों पर चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. विष्णुकुमार और डॉ. बृहस्पति तिवारी ने “एंडोस्कोपी का परिचय” विषय पर व्याख्यान दिया। इसके बाद KGMU के एनाटॉमी विभाग की कैडवेरिक लैब में हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. राखी गुप्ता तथा अन्य विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
विशेषज्ञों के अनुसार स्पाइन एंडोस्कोपी एक अत्याधुनिक मिनिमल इनवेसिव तकनीक है, जो कमर दर्द और सायटिका जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। इस प्रक्रिया में बड़े ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती और अपेक्षाकृत छोटे हस्तक्षेप के माध्यम से मरीज को राहत प्रदान की जाती है। अधिकांश मामलों में मरीज को केवल एक दिन अस्पताल में भर्ती रखने के बाद उसकी स्थिति के अनुसार अगले दिन छुट्टी दी जा सकती है।
केवल 10 प्रतिभागियों तक सीमित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिम्युलेटेड ऑपरेटिंग रूम वातावरण में कैडवर आधारित अभ्यास कराया गया। इसका उद्देश्य विशेषज्ञ दर्द चिकित्सकों को वास्तविक मरीजों पर प्रक्रिया करने से पहले सुरक्षित एवं विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, जिससे वे जटिल रीढ़ संबंधी तकनीकों में दक्षता हासिल कर सकें।
डॉ. सरिता सिंह ने कहा कि इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाएं आधुनिक दर्द चिकित्सा और स्पाइन एंडोस्कोपी के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने बताया कि यह पहल चिकित्सकों को नवीनतम तकनीकों से परिचित कराने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
