संजय मिश्र।
देवरिया। देवरिया जिले में महिला थाना और मिशन शक्ति अभियान की पहल ने एक लंबे समय से साथ रह रहे जोड़े के रिश्ते को नया मुकाम दिलाया। करीब सात साल से साथ रह रहे युवक-युवती ने काउंसलिंग के बाद कोर्ट मैरिज कर अपने संबंध को कानूनी पहचान दे दी। इससे उनके दो बच्चों को भी वैधानिक अधिकार मिल सके।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के परारी गांव की रहने वाली सीमा यादव ने 25 अप्रैल 2026 को महिला थाना पहुंचकर अपनी समस्या बताई। सीमा ने बताया कि वह गांव के ही मुकेश यादव के साथ पिछले सात वर्षों से सूरत में पति-पत्नी की तरह रह रही थीं। इस दौरान दोनों के दो बच्चे भी हुए, लेकिन औपचारिक विवाह नहीं हुआ था। जब सीमा अपने बच्चों के साथ ससुराल पहुंचीं तो परिवार के लोगों ने उन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने महिला थाना की मदद ली।
काउंसलिंग से निकला समाधान
महिला थानाध्यक्ष पूनम यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को मिशन शक्ति केंद्र पर बुलाया। वहां कई चरणों में बातचीत और काउंसलिंग की गई। मुकेश को समझाया गया कि शादी से न केवल उनके रिश्ते को कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित होगा। लगातार समझाइश के बाद मुकेश विवाह के लिए राजी हो गए। इसके बाद दोनों ने न्यायालय में जाकर कोर्ट मैरिज की और विवाह प्रमाण पत्र महिला थाना में जमा कराया।
थाना परिसर में दिखी खुशी
शादी पूरी होने के बाद महिला थाना में खुशी का माहौल देखने को मिला। नवविवाहित जोड़े ने एक-दूसरे को माला पहनाई और मिठाई खिलाकर खुशियां साझा कीं। पुलिस टीम ने दोनों को उनके बच्चों सहित शुभकामनाओं के साथ विदा किया।
इन लोगों की रही अहम भूमिका
इस पूरे मामले को सफल बनाने में महिला थानाध्यक्ष पूनम यादव, पाराविधिक स्वयं सेवक सुमन पांडेय, ज्योति सिंह और महिला आरक्षी गुड़िया यादव ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। देवरिया पुलिस की यह पहल दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और संवाद के जरिए कई रिश्तों को टूटने से बचाया जा सकता है।
