Policy and Development Research Vertical की स्थापना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के मध्य योजना भवन, लखनऊ में सेंटर फॉर डेवलपमेंट एंड पॉलिसी रिसर्च (ब्क्च्त्) के अंतर्गत पॉलिसी एंड डेवलपमेंट रिसर्च वर्टिकल की स्थापना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू पर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मनोज कुमार सिंह, आई.ए. एस (सेवानिवृत्त) तथा लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी ने हस्ताक्षर किए। यह वर्टिकल प्रदेश में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को सुदृढ़ करने, विकासोन्मुखी अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा राज्य के विकास एजेंडे को गति प्रदान करने की दिशा में कार्य करेगा। यह एमओयू प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा तथा आवश्यकता अनुसार इसे आगामी दो वर्षों तक प्रतिवर्ष बढ़ाया जा सकेगा।
नीति अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
एमओयू का मुख्य उद्देश्य स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूत करते हुए नीति-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना तथा सुशासन एवं सतत विकास के लिए ज्ञान-आधारित दस्तावेज तैयार करना है। इस एमओयू के अंतर्गत यह वर्टिकल, राज्य में विकास संबंधी महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट की तैयारी, स्टेट इकोनॉमिक सर्वे, स्टेट डेवलपमेंट रिपोर्ट, विभिन्न विकास संकेतकों के आधार पर जनपदों की रैंकिंग, विकास संबंधी चुनौतियों की पहचान तथा उत्तर प्रदेश में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर शोध कार्य करेगा।

इस अवसर पर प्रो. जे. पी. सैनी, कुलपति, लखनऊ विश्वविद्यालयय प्रो. अरविंद मोहन, डीन, कला संकाय डॉ. भावना मिश्रा, कुलसचिवय प्रो. मुकुल श्रीवास्तव, निदेशक, आईपीपीआर प्रो. गीतांजलि मिश्रा, निदेशक सहित स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त), आयोग के वरिष्ठ अधिकारी तथा आयोग के सभी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. जे. पी. सैनी ने एमओयू के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु विश्वविद्यालय की ओर से पूर्ण शैक्षणिक एवं संस्थागत सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय हर संभव सहयोग प्रदान करेगा, ताकि यह साझेदारी प्रभावी एवं परिणामोन्मुख सिद्ध हो सके। उन्होंने आगे कहा कि साझा दृष्टिकोण, सामूहिक प्रतिबद्धता तथा शासन और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग के माध्यम से विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।
