श्रद्धा और सेवा से मिलता है सुख-शांति का आशीर्वाद
पंडित सुनील पांडेय।
लखनऊ। ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, जिसे “बड़ा मंगल” या “बुढ़वा मंगल” के नाम से जाना जाता है। यह दिन पूर्ण रूप से भगवान हनुमान की भक्ति और सेवा को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में इसी पावन मास के एक मंगलवार को भगवान राम और हनुमान जी का प्रथम मिलन हुआ था। यही कारण है कि ज्येष्ठ मास के सभी मंगलवार अत्यंत शुभ और फलदायी माने जाते हैं। वर्ष 2026 में 5 मई को पहला बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। इसके बाद 12 मई, 19 मई, 26 मई, 2 जून, 9 जून, 16 जून और 23 जून को भी बड़े मंगल के पर्व पड़ेंगे। इन सभी तिथियों का विशेष धार्मिक महत्व है और भक्त पूरे उत्साह व श्रद्धा के साथ इनका पालन करते हैं।
बड़ा मंगल केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा, दान और मानवता का भी पर्व है। इस दिन लोग भंडारे का आयोजन करते हैं, जिसमें जरूरतमंदों को भोजन कराया जाता है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और यज्ञ का आयोजन होता है। राहगीरों को ठंडा पानी, शरबत या अन्य पेय पदार्थ पिलाना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। साथ ही, पक्षियों के लिए पानी रखना और असहाय लोगों की सहायता करना भी इस दिन विशेष फल देने वाला माना गया है।
धार्मिक दृष्टि से यह भी कहा जाता है कि इस दिन किए गए छोटे-छोटे सत्कर्म भी कई गुना फल देते हैं। यह पर्व हमें केवल ईश्वर की भक्ति ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। सेवा और परोपकार के माध्यम से ही सच्ची भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुनील पांडेय के अनुसार, ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगलवार के दिन यदि कोई भक्त सच्चे मन, श्रद्धा और भक्ति भाव से हनुमान जी की पूजा करता है, तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हनुमान जी अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और उन्हें हर संकट से उबारते हैं। हालांकि, पूजा का मूल आधार केवल विधि नहीं, बल्कि सच्ची आस्था और समर्पण होना चाहिए। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ भी विशेष फलदायी होता है। नियमित रूप से इनका पाठ करने से मन को शांति मिलती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। मंगलवार का दिन वैसे भी हनुमान जी की आराधना के लिए महत्वपूर्ण होता है, लेकिन ज्येष्ठ मास में इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। यह दिन हमें संयम, सेवा, श्रद्धा और समर्पण का संदेश देता है। हनुमान जी की कृपा से न केवल भौतिक सुख प्राप्त होते हैं, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति भी संभव होती है। अतः बड़े मंगल का यह पावन अवसर हमें अपने भीतर भक्ति, सेवा और सकारात्मकता को जागृत करने का संदेश देता है। यदि इस दिन हम सच्चे मन से ईश्वर की आराधना करें और दूसरों की सहायता करें, तो निश्चित रूप से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
