20 राउंड की गिनती में पलटी बाजी, शुभेंदु अधिकारी ने अंतिम चरणों में बढ़त बनाकर दर्ज की बड़ी जीत
डेस्क। ममता बनर्जी, जो तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गईं। उन्हें उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 मतों से पराजित किया। इस सीट पर कुल 20 चरणों में मतगणना हुई। शुरुआती राउंड में शुभेंदु अधिकारी ने बढ़त बनाई, लेकिन जल्द ही ममता बनर्जी ने 16 हजार से अधिक वोटों की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उनकी बढ़त लगातार घटती गई। 17वें राउंड में अधिकारी ने फिर से बढ़त बना ली और करीब 550 वोटों से आगे हो गए। अंतिम तीन राउंड में उन्होंने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली और अंततः ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हरा दिया।
भवानीपुर सीट पर कुल 20 राउंड की गिनती पूरी होने के बाद शुभेंदु अधिकारी को 73,463 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,349 वोट प्राप्त हुए। इस तरह ममता बनर्जी को कुल 15,114 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि इससे पहले पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर भी शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से उपचुनाव लड़कर विधानसभा में वापसी की थी।
भवानीपुर में जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी का दावा—ममता बनर्जी का राजनीतिक सफर खत्म
इस जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी को हराना बेहद जरूरी था और अब उनका राजनीतिक सफर समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पहले 2021 में नंदीग्राम से हारी थीं और इस बार भवानीपुर से भी उन्हें करीब 15 हजार वोटों से पराजित किया गया। अधिकारी ने दावा किया कि ममता बनर्जी को मुस्लिम मतदाताओं का पूरा समर्थन मिला, खासकर वॉर्ड नंबर 77 में, जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटरों ने उनके पक्ष में मतदान किया। वहीं उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध समुदायों का आशीर्वाद मिला, जिसकी बदौलत यह जीत संभव हो सकी। उन्होंने इस जीत को पश्चिम बंगाल की जनता की जीत बताया और कहा कि यह नरेंद्र मोदी की नीतियों और नेतृत्व की भी जीत है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मतगणना के दौरान 15वें राउंड तक उन्होंने ममता बनर्जी की बढ़त को खत्म कर दिया और 556 वोटों से आगे निकल गए, जिसके बाद ममता बनर्जी ने पीछे हटना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें खास तौर पर बंगाली हिंदुओं का भरपूर समर्थन मिला। साथ ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) के समर्थकों ने भी उन्हें वोट दिया। उन्होंने कहा कि भवानीपुर में सीपीएम के लगभग 13,000 वोटर्स थे, जिनमें से करीब 10,000 ने उनके पक्ष में मतदान किया, जिसके लिए वह उनके आभारी हैं। अधिकारी ने आगे कहा कि बंगाली हिंदुओं के अलावा गुजराती, जैन, मारवाड़ी और पूर्वांचली समुदायों ने भी उन्हें समर्थन दिया। साथ ही सिख समुदाय ने भी खुलकर उन्हें वोट देकर उनकी जीत सुनिश्चित की।
