लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने निशांतगंज लखनऊ स्थित दृष्टिबाधित छात्रावास के मीटिंग हाॅल में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की शल्य चिकित्सा अनुदान योजना के अन्तर्गत काॅक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लाभार्थियो एवं उनके अभिभावकों के साथ संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, लखनऊ मण्डल के उप निदेशक द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि जन्म से 03 वर्ष के भीतर अगर सही उपचार उपलब्ध हो सकें कि समाज के दिव्यांग बच्चे भी सामान्य बच्चों की भांति जीवन यापन कर सकते हैं। इसी उद्देश्य के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने प्रत्येक ज़िले में ज़िला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र-डी0डी0आर0सी0 की शुरूआत कर दी गयी है ताकि प्रारम्भिक अवस्था में ही अगर बच्चे में किसी प्रकार की दिव्यांगता हो तो उसका सही समय पर उपचार हो सकें।
इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य उ0प्र0 सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित शल्य चिकित्सा अनुदान योजनान्तर्गत काॅक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लाभार्थी से सीधे संवाद स्थापित करना, उनके अनुभवों को साझा करना एवं अभिभावकों से पोस्ट-इम्प्लांट देखभाल, स्पीच थेरेपी एवं पुनर्वास के सम्बन्ध में फीडबैक प्राप्त करना था। श्री कश्यप ने बताया कि काॅक्लियर इम्प्लांट एक उन्नत चिकित्सीय तकनीक है, जिसके माध्यम से गंभीर श्रवण बाधित बच्चों को सुनने और बोलने की क्षमता विकसित करने में सहायता मिलती है और इस सर्जरी का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए सर्जरी के बाद दो वर्ष की स्पीच थेरेपी को अवश्य पूर्ण किया जाए। सरकार की प्रत्येक दिव्यांगजन के प्रति उनकी संवेदना है चाहे वह किसी भी जाति व धर्म से सम्बन्ध रखता हों। उ0प्र0 सरकार की समस्त योजनाओं में किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं बरता जाता। योगी सरकार मोदी सरकार के सबका साथ-सबका विकास मंत्र को आत्मसात कर सुशासन की एक नई इबारत लिख रही है। मंत्री ने बताया केन्द्र की मोदी एवं उ0प्र0 की योगी सरकार अपने वित्तीय संसाधनों के माध्यम से दिव्यांगजन को विकास के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। भरण-पोषण योजनान्तर्गत पेंशन, जो वर्ष 2017 से पूर्व सिर्फ 300/- मासिक थी, को पांच गुना बढ़ाकर 1500/- रूपये किया गया, दिव्यांग युवक-युवती के विवाह के लिए सरकार द्वारा 35 हज़ार रूपये की आर्थिक सहायता तथा दिव्यांगजन को रोज़गार से जोड़ने हेतु दुकान निर्माण के लिए 20000/- रूपये एवं संचालन के लिए 10000/- रूपये की आर्थिक मदद उपलब्ध करायी जाती है।
संवाद कार्यक्रम में हिमांशु शेखर झा, राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, उ0प्र0,अमित कुमार राय, उप निदेशक-मुख्यालय, राजेश कुमार मिश्र, लखनऊ मण्डल, शैलेन्द्र सोनकर, उपायुक्त दिव्यांगजन, उ0प्र0 एवं सभी ज़िला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थें।
