/ Oct 18, 2026

TN

TotaRam News

What's Hot

कृषि मंत्रालय ने लखनऊ में उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन आयोजित किया

Table of Content

  • योगी आदित्यनाथ बोले- लैब का ज्ञान खेत तक पहुंचेगा तभी किसान को मिलेगा पूरा लाभ
  • मुख्यमंत्री का जोर- तकनीक, प्रशिक्षण और वैल्यू एडिशन से बदलेगी खेती की तस्वीर
  • उत्तर क्षेत्र सम्मेलन में खरीफ-रबी की तैयारी पर साझा एजेंडा
  • प्रगतिशील किसान, वैज्ञानिक और केंद्र व राज्य सरकारें एक मंच पर, खेती को नई दिशा देने का संकल्प

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन खेती-किसानी के नए विजन, नई कार्ययोजना और किसान-केंद्रित सोच का मजबूत मंच बनकर उभरा है। आज यहां उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधनों में साफ कहा कि कृषि विकास का अगला दौर तभी सफल होगा जब वैज्ञानिक शोध खेत तक पहुंचेगा, योजनाएं छोटे किसान तक प्रभावी रूप से उतरेंगी और हर राज्य अपनी भौगोलिक व जलवायु परिस्थितियों के अनुसार स्पष्ट रोडमैप बनाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि पहले खरीफ और रबी को लेकर पूरे देश की एक ही बैठक होती थी लेकिन इतने बड़े देश में एक ही मंच पर सभी समस्याओं और संभावनाओं पर गहराई से चर्चा कर पाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि अब जोनल कॉन्फ्रेंस की दिशा में कदम बढ़ाया गया है ताकि अलग-अलग क्षेत्रों की माटी, जलवायु, फसल प्रणाली और चुनौतियों के अनुसार बेहतर रणनीति तय की जा सके।
शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर क्षेत्र को कृषि दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में पंजाब और हरियाणा जैसे हरित क्रांति के अग्रणी राज्य हैं, वहीं उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों की बागवानी, फल, फूल और सब्जी उत्पादन की अपनी विशेष पहचान है इसलिए यह सम्मेलन अनुभवों के आदान-प्रदान और सामूहिक रणनीति निर्माण का प्रभावी मंच है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के सामने तीन बड़े लक्ष्य स्पष्ट हैं – खाद्य सुरक्षा, किसान की आय में वृद्धि और पोषणयुक्त आहार की उपलब्धता। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना, किसान को पसीने की कीमत दिलाना, फसल नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करना और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देना जरूरी है। शिवराज सिंह चौहान ने उर्वरकों के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताई और कहा कि यह समझना जरूरी है कि बढ़ती खपत वास्तविक आवश्यकता पर आधारित है या केवल परंपरागत आदत के कारण हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा, प्राकृतिक खेती और जैविक विकल्पों की ओर बढ़ना आने वाले समय की अहम आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अच्छे बीज खेती की बुनियाद हैं और जलवायु के अनुरूप बीजों की उपलब्धता बढ़ाना अनिवार्य है। उन्होंने मौसम की अनिश्चितता और कम बारिश की आशंका का उल्लेख करते हुए कहा कि खेती की योजना अब पुराने ढर्रे पर नहीं बन सकती बल्कि बदलती परिस्थितियों को देखते हुए फसल, बीज और तकनीक का चुनाव करना होगा। शिवराज सिंह ने नकली खाद, नकली पेस्टिसाइड और घटिया बीज की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि किसान को ठगी से बचाने के लिए कठोर कानून और सख्त कार्रवाई दोनों जरूरी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसान को सही इनपुट नहीं मिलेगा, तो उत्पादन, आय और भरोसा तीनों प्रभावित होंगे इसलिए राज्यों को इस मोर्चे पर विशेष अभियान चलाना चाहिए।
शिवराज सिंह चौहान ने हर राज्य से अपना कृषि रोडमैप तैयार करने की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार वैज्ञानिकों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद से राज्यों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य अपनी परिस्थितियों के अनुसार दीर्घकालिक लक्ष्य तय नहीं करेंगे, तब तक खेती और किसान दोनों का समग्र कल्याण संभव नहीं होगा।
उन्होंने किसान आईडी और किसान क्रेडिट कार्ड पर भी जोर देते हुए कहा कि किसान की पहचान, ऋण, योजनाओं और सेवाओं को सरल बनाने में ये दोनों बेहद उपयोगी साधन हैं। उनके मुताबिक किसान आईडी बनने से कई प्रक्रियाएं आसान होंगी जबकि वंचित किसानों तक किसान क्रेडिट कार्ड पहुंचाने से छोटे और सीमांत किसानों को सस्ती दर पर संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने विकसित कृषि संकल्प अभियान को आगे बढ़ाने की बात करते हुए कहा कि राज्य इस संबंध में योजना बनाएं जिसके आधार पर कृषि वैज्ञानिक गांव-गांव जाकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि शोध तभी सार्थक है जब उसका लाभ खेत तक पहुंचे, किसान सवाल पूछ सकें और उसे अपनी जमीन, मौसम और खेती के अनुसार तत्काल उपयोगी सलाह मिल सके। शिवराज सिंह ने छोटे किसानों के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि छोटी जोत वाले किसान केवल अनाज पर निर्भर रहकर स्थिर आय नहीं पा सकते, इसलिए उन्हें फल, सब्जी, पशुपालन, मत्स्यपालन, बकरी पालन, मुर्गीपालन, मधुमक्खी पालन और वृक्ष आधारित खेती जैसे विकल्पों से जोड़ना होगा ताकि उनकी आमदनी कई स्रोतों से बढ़ सके।

योगी आदित्यनाथ ने सम्मेलन में कहा कि भारत सरकार ने पहली बार क्षेत्रीय स्तर पर कृषि सम्मेलन आयोजित कर एक व्यावहारिक और परिणाममुखी पहल की है, इसके लिए उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक जोन हैं इसलिए कृषि से जुड़ी चुनौतियां, संभावनाएं और प्राथमिकताएं भी अलग हैं, ऐसे में जोनवार चर्चा और योजना बनाना अधिक उपयोगी साबित होगा। योगी आदित्यनाथ ने विकसित कृषि संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि इसने कृषि अनुसंधान को सीधे खेत तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि पहले वैज्ञानिक शोध प्रयोगशालाओं तक सीमित रह जाता था लेकिन अब वैज्ञानिक, कृषि शिक्षा से जुड़े लोग और किसान एक साथ संवाद कर रहे हैं जिससे तकनीक का व्यवहारिक उपयोग बढ़ा है और किसानों में नई ऊर्जा दिखाई दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कृषि विज्ञान केंद्रों को सक्रिय करने, उन्हें जवाबदेह बनाने और किसानों के साथ उनका सीधा जुड़ाव बढ़ाने का असर साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि जब वैज्ञानिक स्थानीय स्तर पर खेतों में प्रदर्शन करते हैं, किसानों के साथ बैठकर नई पद्धतियों पर चर्चा करते हैं और लगातार फॉलोअप करते हैं तब वास्तविक परिवर्तन आता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कृषि विकास केवल उत्पादन बढ़ाने का विषय नहीं है बल्कि यह आय, लागत, तकनीक और बाजार से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज, समय पर तकनीक, कम रासायनिक निर्भरता, प्राकृतिक खेती की दिशा में प्रयास और वैल्यू एडिशन का मॉडल किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में निर्णायक होगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कई क्षेत्रों में किसान एक फसल से बढ़कर दो और तीन फसलों के मॉडल की ओर बढ़े हैं और यह बदलाव जानकारी, बेहतर बीज, सरकारी सहयोग और बाजार तक पहुंच के कारण संभव हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जहां पहले सीमित खेती होती थी, वहीं अब किसान अतिरिक्त आमदनी वाली फसलों से बेहतर लाभ कमा रहे हैं जिससे यह साबित होता है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर अन्नदाता बहुत तेजी से परिणाम दे सकता है। मुख्यमंत्री ने उत्पादन, प्रसंस्करण और बाजार के बीच बेहतर तालमेल पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि को फूड प्रोसेसिंग, मांग आधारित उत्पादन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से जोड़ना होगा ताकि किसान को उसकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और वह केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर कृषि उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़े।


सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी भी मौजूद रहे, वहीं उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी, पंजाब के कृषि मंत्री गुरुमीत सिंह खुड्डियां, पंजाब के उद्यान मंत्री महेंद्र भगत, हिमाचल प्रदेश के उद्यान मंत्री जगत सिंह नेगी, जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री जावेद अहमद डार, उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और उत्तर प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी सम्मेलन में उपस्थित रहे।
भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतीश चंद्रा, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, विभिन्न राज्यों के अधिकारी और किसान प्रतिनिधि भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग, अभिनेता सुरक्षित; ड्राइवर घायल

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सामने आए दावे की भी हो रही पड़ताल मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई। घटना के दौरान अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर है। पुलिस ने...

लखनऊ में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का निरीक्षण, फैजुल्लागंज और बरावन कला के स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थाएं परखीं

स्वास्थ्य महानिदेशक ने उपचार, टीकाकरण और रोग नियंत्रण के दिए निर्देश लखनऊ। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण ने निदेशक उपचार डॉ.एस के चौधरी,निदेशक विद्युत रवि कुमार तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. बी. सिंह के साथ रविवार को नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फैजुल्लागंज और बरावन कला का भ्रमण कर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले...

लोकायन 2026 – भारतीय नौसेना का जहाज सुदर्शिनी ओमान के सलालाह से रवाना हुआ

14 से 17 अक्टूबर तक सलालाह में रहा भारतीय नौसेना का पाल प्रशिक्षण पोत डेस्क। भारतीय नौसेना का तीन मस्तूलों वाला पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी 14-17 अक्टूबर 2026 के दौरान ओमान के सलालाह में अपनी यात्रा पूरी करने के बाद वहाँ से रवाना हुआ। इसके साथ ही उसने अपनी ऐतिहासिक महासागरीय तैनाती, लोकायन-2026, को...

उच्च शिक्षा मंत्री ने अलीगढ़ में प्रस्तावित ‘सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय’ की स्थापना हेतु सौंपा आशय-पत्र

अलीगढ़ व आसपास के युवाओं को मिलेंगे उच्च व व्यावसायिक शिक्षा के बेहतर अवसर लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रायोजक संस्था ‘ॐ श्री सांई शिक्षा समिति, अलीगढ़’ के प्रतिनिधियों को निजी क्षेत्र में प्रस्तावित ‘सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय, अलीगढ़’ की स्थापना हेतु औपचारिक आशय-पत्र...

यूपी में खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों पर सख्ती, मिठाई-चटनी में रोडामाइन-बी के इस्तेमाल पर रोक

रंगों के नियम तोड़ने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत हो सकती है कार्रवाई लखनऊ। मिठाइयों, स्नैक्स, मोमोज, चटनी, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों को आकर्षक रंग देने के लिए रासायनिक रंगों के मनमाने इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), उत्तर प्रदेश ने खाद्य कारोबारियों...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.