लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और इंटर एजेंसी ग्रुप उत्तर प्रदेश (IAG-UP) के संयुक्त तत्वाधान में आपदा जोखिम न्यूनीकरण में गैर सरकारी संगठनों और नागरिक समाज संगठनों की भूमिका विषय पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में आज राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में विगत कुछ दिनों से तापमान में अत्यधिक बढ़ोतरी हो रही है। बढ़ते तापमान से मानव जीवन के साथ-साथ पशुओं, फसलों एवं प्रदेश की उत्पादन शक्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्रदेश में आगामी लू-प्रकोप के प्रबंधन हेतु सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों को मिलकर कार्य करना होगा तभी माननीय मुख्यमंत्री र्जी Zero Avoidable Mortality के Vision को साकार किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त लू-प्रबंधन हेतु विभिन्न उपायों का प्रचार-प्रसार NGOs/CSOs के माध्यम से समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक पहुचानें में महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यशाला में विभिन्न गैर सरकारी संगठनों जैसे Sphere India, Action Aid, Save the Children Bal (Raksha Bharat) Mahila Housing Trust, Care India, Unicef lucknow अपराजिता सामाजिक समिति बहराइच, पूर्वांचल सेवा संस्थान, नव भारतीय नारी विकास समिति बलिया, आजाद शिक्षा केंद्र जौनपुर, सूर्या फाउंडेशन, लखनऊ विश्व विध्यानश, गौतम बुद्ध जागृति संस्थान, पंचशील डेवलपमेंट ट्रस्ट, समाज कल्याण एवं बाल विकास परिषद, शकुंतला देवी पुनर्वास विश्वविद्यालय, ए आर फाउंडेशन, प्रज्ञा इन्टरट्रस्ट, यू पी भारतीय नागरिक सुरक्षा समिति, अर्न्स्ट एंड यंग (Ernst-Young), अमर शहीद चेतन ससंस्थान, भारत स्काउट एंड गाइड, सहित विभिन्न गैर-सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया तथा पूर्व में किए गए कार्यों एवं वर्ष 2026 में लू-प्रकोप से संबंधित किए जाने वाली गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।
