लखनऊ। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री, उ.प्र. की कला संवर्धन-संरक्षण की नीति के अनुपालन में एवं जयवीर सिंह मंत्री संस्कृति एवं पर्यटन की प्रेरणा व मार्गदर्शन में तथा प्रो. जयंत खोत अध्यक्ष, विभा सिंह उपाध्यक्ष एवं निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर के कुशल निर्देशन में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी द्वारा भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135 जयंती मंगलवार 14 अप्रैल को अकादमी परिसर में मनायी गई।
इस अवसर पर प्रो. जयंत खोत एवं निदेशक डॉ.शोभित कुमार नाहर ने सर्वप्रथम भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित किये। इस क्रम में अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने कहा कि संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. अम्बेडकर की अगुआई में 2 साल, 11 महीने और 17 दिन में दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान तैयार किया, जो समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की अवधारणा पर आधारित है। दलितों, अछूतों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 20 मार्च 1927 को महाराष्ट्र राज्य के रायगढ़ जिले के महाड स्थान पर दलितों को सार्वजनिक चवदार तालाब से पानी पीने और इस्तेमाल करने का अधिकार दिलाने के लिए एक प्रभावी सत्याग्रह किया था। इस दिन को भारत में सामाजिक सशक्तिकरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ का नारा दिया था। अर्थशास्त्री डॉ. अम्बेडकर की पुस्तक ‘द प्रॉब्लम ऑफ द रुपीज़: इट्स ओरिजिन एंड इट्स सॉल्यूशन’ के विचारों का उपयोग कर साल 1935 में भारतीय रिजर्व बैंक के गठन में किया गया था। समरीन के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी सहित कथक केन्द्र और रेडियो जयघोष के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
