डेस्क। केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान समाप्त हो गया। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ, जिसमें मतदाताओं ने अपने पसंदीदा उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद की। परिणाम 4 मई को घोषित होंगे।
असम में शाम 5 बजे तक 86.92 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया, पुडुचेरी में 86 प्रतिशत वोट पड़े, जबकि केरल में इस समय 75.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान में असम के मतदाताओं ने सबसे अधिक उत्साह दिखाया। चुनाव आयोग ने प्रत्येक बूथ पर कड़े सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए। इस बार बड़ी संख्या में युवा मतदाता पहली बार मतदान कर रहे हैं।
असम के मुख्यमंत्री और जालुकबारी से उम्मीदवार हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य के समृद्धि और लोगों की उन्नति की कामना की। उन्होंने कहा, “आज असम में मतदान का दिन है। मुझे इस महत्वपूर्ण दिन मां कामाख्या के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैंने असम की समृद्धि और राज्य के लोगों की प्रगति की कामना की।”
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि झूठा प्रचार एलडीएफ को नहीं हरा सकता। उन्होंने लोगों और जनता पर भरोसा व्यक्त किया और कहा कि पिछले दस वर्षों से जनता के साथ उनका सफर जारी है। पिछले दस सालों से हम लोगों के साथ चले हैं और यह सफर जारी रहना चाहिए। हम लोगों के साथ हैं और लोग हमारे साथ हैं। सांप्रदायिक प्रचार हमें नहीं हरा सकता।”
पुडुचेरी में NDA उम्मीदवार जोस चार्ल्स मार्टिन ने मतदान कर इसे लोकतंत्र में एकता और शक्ति का प्रदर्शन बताया और कहा कि NDA निश्चित रूप से सत्ता में लौटेगी। केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सांसद शशि थरूर और वरिष्ठ नेता ए.के. एंटनी ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
