डेस्क। केंद्रीय विद्युत एवं आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की।
केंद्रीय मंत्री ने भारत सरकार और लोगों की ओर से भूटान नरेश को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत और भूटान के बीच विशिष्ट और प्रगाढ़ मैत्री तथा साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने में भूटान नरेश के निरंतर मार्गदर्शन और नेतृत्व के प्रति सराहना व्यक्त की। बातचीत में मनोहर लाल ने भूटान के राष्ट्रीय सेवा कार्यक्रम, ग्यालसुंग के लिए बधाई दी, जो युवाओं में कौशल एवं राष्ट्र निर्माण पर केन्द्रित सामुदायिक भावना को बढ़ावा देता है। उन्होंने सतत एवं नियोजित विकास के लिए भूटान नरेश के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी दृष्टिकोण की भी सराहना की।
मंत्री ने भूटान नरेश को बताया कि वे पुनात्सांगछू-I जलविद्युत परियोजना के बांध निर्माण कार्य आरंभ होने के अवसर पर उपस्थित रहेंगे, जिससे इस परियोजना के पूर्ण होने का मार्ग प्रशस्त होगा। विद्युत मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया भारत-भूटान ऊर्जा सहयोग की तेज़ गति को दर्शाती है। मनोहर लाल ने भूटान नरेश को आज सुबह पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना के निर्यात दर संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर होने की जानकारी दी। 1020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना का संयुक्त उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भूटान नरेश ने 11 नवंबर, 2025 को किया था और इससे 19 सितंबर, 2025 से ही आपसी सहमति से तय प्रारंभिक दर पर भारत को अधिशेष बिजली का निर्यात आरंभ हो गया था।
केंद्रीय विद्युत मंत्री ने भूटान नरेश को यह भी बताया कि वे भूटान के ऊर्जा मंत्री के साथ 10 अप्रैल, 2026 को पुनात्सांगछू-I जलविद्युत परियोजना बांध में कंक्रीट डालने के समारोह में शामिल होंगे। यह दोनों देशों के लोगों के लिए 1200 मेगावाट की पुनात्सांगछू-I जलविद्युत परियोजना में बांध निर्माण कार्य आरंभ होने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। मनोहर लाल ने भूटान नरेश को, ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित, वहां के प्रधानमंत्री और ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री सहित भूटान नेतृत्व के साथ अपनी रचनात्मक बातचीत की जानकारी दी। केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने इस बात पर बल दिया कि ऊर्जा सहयोग भारत-भूटान संबंधों का प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने इसके ठोस क्रियान्वयन से दोनों देशों की परस्पर लाभकारी साझेदारी रेखांकित की।
