- मुख्यमंत्री 05 अप्रैल को स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारंभ करेंगे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी लखनऊ में स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी (बीएनए) अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 05 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक भव्य स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन करने जा रही है। इस आयोजन का शुभारंभ 05 अप्रैल को प्रातः 11 बजे अकादमी परिसर स्थित राज बिसारिया प्रेक्षागृह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी और निदेशक बिपिन कुमार ने बताया कि यह समारोह न केवल अकादमी की गौरवशाली यात्रा का उत्सव है, बल्कि रंगमंच के क्षेत्र में
उसकी उपलब्धियों का भी प्रतीक है।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि अकादमी की स्थापना वर्ष 1975 में महान साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र की स्मृति में संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा की गई थी। वर्ष 1976 से यहां नाट्य कला का व्यवस्थित प्रशिक्षण शुरू हुआ। 1981 में दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया, जिससे यह संस्थान देश के प्रमुख नाट्य प्रशिक्षण केंद्रों में शामिल हो गया। अकादमी के संस्थापक अध्यक्ष अमृत लाल नागर और संस्थापक निदेशक राज बिसारिया का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है, जिनके प्रयासों से उत्तर भारत में आधुनिक रंगमंच को नई दिशा मिली।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि बीएनए में अभिनय, वॉइस एवं स्पीच, माइम, इम्प्रोवाइजेशन, स्टेज क्राफ्ट, लाइट डिजाइन, निर्देशन और प्रोडक्शन जैसे विभिन्न पहलुओं में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां भारतीय और पाश्चात्य रंगमंच का समग्र अध्ययन कराया जाता है। अकादमी में आधुनिक स्टूडियो थिएटर, दो सुसज्जित ऑडिटोरियम, पुस्तकालय, ऑडियो-विजुअल संसाधन, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही विद्यार्थियों को फिल्म और टीवी प्रोडक्शन का प्रारंभिक प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के अवसर भी दिए जाते हैं। बीएनए को नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के बाद देश का दूसरा प्रमुख नाट्य प्रशिक्षण संस्थान माना जाता है। यहां के विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
अध्यक्ष एवं निदेशक ने बताया कि समारोह को दिव्य एवं भव्य बनाने के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कल अकादमी का निरीक्षण किया था और तैयारियों का जायजा लिया था। स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों द्वारा नाट्य प्रस्तुतियां दी जाएंगी। प्रतिदिन दो शिफ्ट में मंचन आयोजित होगा, जिसमें रंगमंच के विविध आयाम देखने को मिलेंगे। समारोह के क्रम में 10 अप्रैल को राज्यपाल महोदया की गरिमामयी उपस्थिति भी प्रस्तावित है।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि अकादमी प्रशासन ने आमजन, रंगकर्मियों और कला प्रेमियों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाएं। यह स्वर्ण जयंती समारोह न केवल एक संस्थान का उत्सव है, बल्कि भारतीय रंगमंच की समृद्ध परंपरा और उसके उज्ज्वल भविष्य का भी उत्सव है।
