डेस्क। अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के पूर्व निदेशक रॉबर्ट मुलर का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके परिवार के अनुसार, उन्होंने शुक्रवार रात अंतिम सांस ली, हालांकि उनकी मृत्यु का कारण अभी स्पष्ट नहीं किया गया है। मुलर ने 2001 से 2013 तक FBI का नेतृत्व किया और 9/11 हमलों के बाद अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस की कथित दखलअंदाजी और डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान से उसके संबंधों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। करीब 22 महीने तक चली इस जांच में 34 लोगों पर आरोप लगाए गए, जिनमें ट्रंप के करीबी सहयोगी, रूसी अधिकारी और कंपनियां शामिल थीं। कई आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया और उन्हें सजा भी हुई।
मुलर के निधन के बाद डोनाल्ड ट्रंप का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “अच्छा हुआ, मुझे खुशी है कि वह मर गया। अब वह निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सकता।” इस टिप्पणी को लेकर अमेरिका में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है और कई लोगों ने इसे असंवेदनशील और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है।
विश्लेषकों का मानना है कि मुलर की जांच और ट्रंप के साथ उनका टकराव अमेरिकी राजनीति के सबसे चर्चित अध्यायों में से एक रहा है। जहां ट्रंप और उनके समर्थकों ने मुलर को पक्षपाती बताया, वहीं उनके आलोचकों ने उन्हें एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी माना। उनके निधन के बाद भी यह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
