श्रीनगर में बीएसएनएल पेंशनभोगियों के लिए उप-कार्यालय खोलने की प्रक्रिया की शुरुआत
डेस्क। कश्मीर के गांदरबल में पेंशनभोगी सहायता कार्यक्रम की शुरूआत की गई। इसका उद्देश्य गांदरबल में बीएसएनएल पेंशनभोगियों के साथ जुड़ाव को मजबूत करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। उत्तरी क्षेत्र के प्रधान संचार लेखा नियंत्रक आशीष जोशी, जम्मू-कश्मीर के संचार लेखा प्रमुख राज करण वर्मा और जम्मू-कश्मीर के संयुक्त संचार लेखा प्रमुख अमानुल्लाह टाक के साथ गांदरबल में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) पेंशनभोगियों के घरों में जाकर उनकी समस्याओं को समझा। कश्मीर में बीएसएनएल पेंशनभोगियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रयासों के तहत, 12 मार्च 2026 को बीएसएनएल के जम्मू-कश्मीर सर्कल के मुख्य महाप्रबंधक के साथ श्रीनगर में सीसीए के उप-कार्यालय की स्थापना के लिए बैठक आयोजित की गई। आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद उप-कार्यालय का संचालन जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इस बीच उत्तरी क्षेत्र के प्रधान संचार लेखा नियंत्रक ने सीसीए जम्मू-कश्मीर और सीजीएम जम्मू-कश्मीर बीएसएनएल के साथ परामर्श से यह निर्णय लिया है कि सीसीए कार्यालय, जम्मू से एक अधिकारी सप्ताह में एक बार श्रीनगर का दौरा करेगा। यह अधिकारी बीएसएनएल द्वारा निर्धारित स्थान पर पेंशनभोगियों से मिलकर उनकी शिकायतों का समाधान करेगा और श्रीनगर उप-कार्यालय का संचालन शुरु होने तक उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। उत्तरी क्षेत्र के प्रधान संचार लेखा नियंत्रक ने इस पहल को सुगम बनाने में जम्मू-कश्मीर के सीसी, संयुक्त सीसीए, सीजीएम कुश कुमार और पीजीएम कश्मीर अरविंद पांडे के सक्रिय प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्रीनगर में उप-कार्यालय की स्थापना से कश्मीर क्षेत्र में बीएसएनएल पेंशनभोगियों की समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 24 फरवरी, 2026 को “सेवा तीर्थ” (नए प्रधानमंत्री कार्यालय) में पारित “सेवा संकल्प” प्रस्ताव के अनुसरण में की जा रही इस पहल का उद्देश्य सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित नागरिक-केंद्रित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना है। इस प्रस्ताव का लक्ष्य शासन के लोकाचार को विशेषाधिकार से समर्पण की ओर ले जाना है, जो “नागरिक देवो भव” की भावना को मूर्त रूप देता है। ये पहल सेवा भावना के सिद्धांत से प्रेरित हैं , जो 1.4 अरब नागरिकों की सेवा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का आह्वान करती हैं, इसमें देश के हर नागरिक के जीवन को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
