बिहार। बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। करीब 21 वर्षों तक राज्य की सत्ता में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब सक्रिय कार्यपालिका से हटकर राज्यसभा में जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस कदम से राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, जेडीयू ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की पुष्टि कर दी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन होगा। अब पहली बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार हैं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, जिन्हें अमित शाह का करीबी माना जाता है।
बताया जा रहा है कि दो महीने पहले दिल्ली में जेडीयू और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें सत्ता संक्रमण और टाइमलाइन पर चर्चा की गई थी। इस बैठक में यह तय किया गया कि राज्यसभा चुनाव के समय नीतीश कुमार को सम्मानजनक विदाई दी जाएगी। नीतीश कुमार ने भी कई बार यह संकेत दिया था कि वे अब लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी नहीं निभाना चाहते। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बदलाव से बिहार में सत्ता का नया समीकरण बनने जा रहा है और नीतीश कुमार की विरासत उनके बेटे निशांत कुमार के जरिए आगे बढ़ सकती है।
