TN

TotaRam News

What's Hot

“भारत अनेक भाषाओं की भूमि है, लेकिन इसकी आत्मा एक है”: उपराष्ट्रपति

Table of Content

डेस्क। भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उपराष्ट्रपति भवन में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित 16 महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया। ये पुस्तकें प्रख्यात तमिल विद्वानों, विरासत, वास्तुकला, साहित्य, संस्कृति और सभ्यतागत विचारों पर आधारित हैं। इन प्रकाशनों में उत्तर से दक्षिण भारत तक आध्यात्मिक एकता का प्रतीक पवित्र केंद्र रामेश्वरम, रामानुजा का जीवन और दर्शन, ऐतिहासिक नाडुकल परंपरा, प्राचीन व्यापार केंद्र अरिकामेडु, नयनार और अलवारों का भक्ति साहित्य, प्राकृतिक कृषि परंपराएं, प्राचीन तमिल संगीत वाद्ययंत्र, तमिलनाडु के लोक देवता, उभरती वैज्ञानिक प्रौद्योगिकियां और मीनाक्षी अम्मन मंदिर एवं बृहदीश्वर मंदिर की स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना शामिल हैं। मणिमेकलाई और महाविद्वान मीनाक्षी सुंदरम पिल्लई पर लिखी गई पुस्तकें भी इन प्रकाशनों का हिस्सा हैं।
उपराष्ट्रपति ने बेहद गर्व और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज विमोचित पुस्तकें तमिल सभ्यता की गहराई और विविधता को दर्शाती हैं, जिनमें मंदिर परंपराएं, दर्शन, वास्तुकला, साहित्य, संगीत, विज्ञान, सामाजिक सुधार और आध्यात्मिक चिंतन शामिल हैं। उपराष्ट्रपति ने तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में बंकिम चंद्र चटर्जी पर एक पुस्तक का विमोचन भी किया। बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित अमर वंदे मातरम को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस गीत ने लाखों लोगों के दिलों में क्रांति की भावना जगाई और अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन के लिए प्रकाशन विभाग की सराहना करते हुए कहा, “उन दो शब्दों में हमारी मिट्टी की सुगंध, हमारी नदियों की शक्ति और हमारी मातृभूमि की भावना समाहित है।” तमिल को विश्व की सबसे प्राचीन शास्त्रीय भाषाओं में से एक बताते हुए, जिसकी साहित्यिक और दार्शनिक परंपरा दो सहस्राब्दियों से अधिक पुरानी है, उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज विमोचित पुस्तकें तमिल ज्ञान प्रणालियों की बौद्धिक गहराई और सभ्यतागत निरंतरता को दर्शाती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारतीय मंदिर केवल पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि कला, वास्तुकला, संगीत, खगोल विज्ञान, गणित और सामाजिक संगठन के केंद्र भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्वजों ने दर्शन, साहित्य, विज्ञान और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत अनेक भाषाओं की भूमि है, लेकिन इसकी सभ्यतागत आत्मा एक है। उन्होंने कहा कि भाषा, धर्म और राजनीतिक विचारधाराओं में भिन्नता के बावजूद, भारत हमेशा से एक देश रहा है, जो एक ही धर्म से सांस्कृतिक रूप से एकजुट है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम और “याधुम ऊरे यावरुम केलिर” के आदर्श इसी धर्म को दर्शाते हैं।

भारत के हर गाँव में रामायण और महाभारत के सहज प्रसार पर विचार करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये महाकाव्य थोपे नहीं गए, बल्कि उस साझा आध्यात्मिक भावना के माध्यम से अपनाए गए हैं, जो राष्ट्र को एक साथ बांधती है। 2047 तक विकसित भारत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक प्रगति सांस्कृतिक संरक्षण के साथ-साथ चलनी चाहिए। उन्होंने वैश्विक मंचों पर तिरुक्कुरल और सुब्रमण्य भारती का उल्लेख करने सहित, तमिल विरासत को सम्मानित करने के लिए प्रधानमंत्री के निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जहाँ भी गए हैं, उन्होंने वहाँ तमिल भाषा की महानता को सबसे अधिक पहचाना और सराहा है। उन्होंने मलेशिया में एक विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की घोषणा का भी ज़िक्र किया और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में काशी तमिल संगमम जैसी पहल की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने गर्व व्यक्त किया कि तमिल को वैश्विक मान्यता मिल रही है और पुलिथेवर, वेलु नचियार, वीरपांडिया कट्टाबोम्मन, ओंदिवीरन, थिरुप्पुर कुमारन, थेरन चिन्नामलाई, कुयिली, सुंदरलिंगनार, मरुधु भाइयों जैसे तमिल स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान पर गर्व है और इन्हें अब राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जाता है।

उपराष्ट्रपति ने प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तकों को साहित्यिक कृतियों से कहीं अधिक बताते हुए उन्हें युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी जगत में युवाओं को उड़ान के लिए पंखों के साथ-साथ मजबूत नींव की भी ज़रुरत है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा पुस्तकें पढ़ने के लिए समर्पित करने का आग्रह किया। उन्होंने श्री अश्विनी वैष्णव और डॉ. एल. मुरुगन के नेतृत्व में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की और प्रकाशन विभाग द्वारा इन पुस्तकों के गहनता के साथ किए गए प्रकाशन की प्रशंसा की। अपने संबोधन के समापन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत जैसे-जैसे विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, आर्थिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक शक्ति का भी विकास होना आवश्यक है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री, रेल मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन, उपराष्ट्रपति के सचिव अमित खरे, प्रकाशन विभाग के प्रधान महानिदेशक भूपेंद्र कैंथोला, प्रतिष्ठित विद्वानों, लेखकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

वित्तीय प्रणाली और आम लोगों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है डिजिटल बैंकिंगः नन्दी

बैंकिंग उत्कृष्टता और डिजिटल नवाचार को मिला सम्मान लखनऊ। होटल ताज लखनऊ में इंडियन इन्वेस्टर्स फेडरेशन ( आईआईएफ ) द्वारा आयोजित 11वें डिजिटल बैंकिंग लीडरशिप सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस दौरान मंत्री नन्दी ने बैंकिंग और...

योगी सरकार की पहल से यूपी के एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने की कवायद तेज

‘इंडो-जर्मन गेटवे प्रोग्राम’ से एमएसएमई और स्टार्टअप्स को मिलेगा वैश्विक विस्तार का अवसर लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। विधानसभा सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी से जर्मनी से आए प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट...

UP के MSME को मिलेगा वैश्विक बाजार, योगी सरकार की पहल, इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम का शुभारंभ

यूपी सरकार और जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस (GIBA) के बीच MoU लखनऊ। योगी सरकार उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को इन्वेस्ट यूपी कार्यालय, पिकअप भवन, लखनऊ में इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर...

UP RERA Real Estate Agent Training: 48वां प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

पेशेवर कार्यप्रणाली पर जोर लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने रियल एस्टेट क्षेत्र में बेहतर कार्यप्रणाली और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 48वां रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। चार दिवसीय यह प्रशिक्षण बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित एनआईईटी परिसर में शुरू हुआ। इसका आयोजन छत्रपति शाहू जी...

Surgeon Vice Admiral Dilip Raghavan ने संभाला DG Medical Services (Armed Forces) का पदभार

नौसेना चिकित्सा सेवा में रहा है लंबा अनुभव डेस्क। सर्जन वाइस एडमिरल दिलीप राघवन, वीएसएम ने 1 सितंबर 2026 को महानिदेशक चिकित्सालय सेवा (सशस्त्र बल) का पदभार ग्रहण किया। चेन्नई और मुंबई में जन्मे एवं शिक्षित सर्जन वाइस एडमिरल दिलीप राघवन ने वर्ष 1985 में सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (एएफएमसी), पुणे में दाखिला लिया और...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.