मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से मांगे सुझाव एवं सहयोग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में आज मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उन राज्यों जहॉ SIR की प्रक्रिया सम्पन्न हो चुकी है, में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के पश्चात मतदाता सूची में पंजीकरण से छूटे हुए तथा प्रथम बार/युवा निर्वाचकों के नाम सम्मिलित किए जाने के संबंध में संचालित किए जाने वाले विशेष अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है। विशेष अभियान का उद्देश्य ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं हो पाया है। ऐसे सभी पात्र नागरिक किसी भी समय मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते है।
मतदाता सूची में छूटे नामों का घर-घर सत्यापन, भरवाए जाएंगे फॉर्म-6
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आयोग के निर्देशों के क्रम में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा 10 अप्रैल, 2026 को अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची की तुलना विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से पूर्व 07 जनवरी, 2025 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची एवं पूरक सूचियों से की जाएगी। ऐसे निर्वाचकों को चिन्हित किया जाएगा, जिनके नाम विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से पूर्व की मतदाता सूची में थे, लेकिन वर्तमान मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं हैं। चिन्हित निर्वाचकों की वर्तमान स्थिति का सत्यापन करने के लिए बूथ लेवल अधिकारी द्वारा उनके घर जाकर जानकारी प्राप्त की जाएगी।
उन्होंने बताया कि घर-घर भ्रमण के दौरान छूटे हुए, प्रथम बार एवं युवा पात्र निर्वाचकों के फार्म-6 भरवाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। चिन्हित निर्वाचकों की सूची मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेन्टों के साथ भी साझा की जाएगी। बूथ स्तर पर तैयार सूची को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा किया जाएगा, ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो सके।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए बूथ स्तर पर लगेंगे विशेष कैंप
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने के लिए बूथ स्तर पर विशेष कैम्प भी आयोजित किए जाएंगे। रात्रि आश्रयों, लेबर कॉलोनियों, आश्रयहीन तथा मुख्यधारा से पृथक/वंचित व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने के लिए विशेष रूप से कैम्प आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जनपदों में शिक्षण संस्थानों, स्थानीय स्तर पर जनसम्पर्क, स्वीप गतिविधियों, नियमित प्रेस ब्रीफिंग तथा अन्य उपयुक्त माध्यमों से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि विशेष अभियान के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा प्रगति की नियमित समीक्षा एवं सतत निगरानी भी की जाएगी। उन्होंने उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से बहुमूल्य सुझाव उपलब्ध कराने एवं अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा की, जिससे प्रदेश के प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने के अवसर से वंचित न रहे।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की प्रक्रिया के दौरान गणना चरण में प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी द्वारा अनुपस्थित, स्थानान्तरित, मृत एवं डुप्लीकेट निर्वाचकों की सूचियां तैयार की गई थीं। इन सूचियों को संबंधित स्थानीय निकायों/पंचायत भवनों एवं संबंधित कार्यालयों के नोटिस बोर्ड तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रदर्शित करने के साथ ही मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेन्टों के साथ भी साझा किया गया था। इसके उपरान्त 06 जनवरी, 2026 को आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया तथा दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के बाद 10 अप्रैल, 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।
बैठक में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया कि आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया जा चुका है। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2027 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण कराए जाने के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया गया है।
बैठक में समाजवादी पार्टी, अपना दल (एस), कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (एम), बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
