मच्छरजनित रोगों से बचाव को लेकर जागरूकता
लखनऊ। राजधानी में मौसमी और वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर-घर सर्वे और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को सीएचसी काकोरी की टीम ने टांडखेड़ा, गुलाबीखेड़ा और सुखलालखेड़ा क्षेत्रों में 92 घरों का स्वास्थ्य सर्वे किया। इस दौरान लोगों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी भी दी गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह के निर्देश पर सीएचसी काकोरी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. मिश्रा की निगरानी में चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने सर्वे अभियान संचालित किया।
इसी क्रम में फैजुल्लागंज क्षेत्र के हनुमन्तपुरम और प्रीतीनगर में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 45 घरों का सर्वेक्षण किया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आसमा के नेतृत्व में क्षेत्रीय आशा और एएनएम की टीम ने लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। जरूरत के अनुसार दवाओं के साथ क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस पैकेट वितरित किए गए। लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की टीम और 108 एंबुलेंस सेवा को 24 घंटे तैनात रखा गया है। वहीं मोबाइल मेडिकल यूनिट ने प्रीतीनगर में 29 और दाऊदनगर में 17 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।
मच्छरों की रोकथाम पर दिया गया जोर
स्वास्थ्य टीमों ने लोगों को वेक्टर जनित रोगों से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी। पानी से भरे बर्तनों और टंकियों को ढककर रखने तथा कूलर की नियमित सफाई करने को कहा गया। पुराने टायर, कबाड़, टूटे बर्तन, नारियल के खोल और ऐसे अन्य सामान में पानी जमा न होने देने की अपील की गई, क्योंकि इनमें मच्छरों के पनपने की आशंका रहती है।

फूलदान और बर्ड बाथ जैसे स्थानों का पानी भी नियमित रूप से बदलने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर के आसपास साफ-सफाई रखने और अनावश्यक जलभराव को तत्काल दूर करने को कहा।
मच्छरों से बचाव के लिए ये सावधानियां जरूरी
स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को सोते समय मच्छरदानी इस्तेमाल करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और आवश्यकता के अनुसार मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करने की सलाह दी। बच्चों को मच्छरों के प्रकोप वाले स्थानों से दूर रखने और दिन के समय भी मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने पर जोर दिया गया।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि बुखार या अन्य बीमारी के लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेना चाहिए। लोगों को पुराने टायर, अनुपयोगी बोतल, टिन और कबाड़ को घर या आसपास जमा नहीं करने तथा उनका उचित निस्तारण सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।
मौसमी बीमारियों से संबंधित जानकारी, सहायता और मार्गदर्शन के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, लखनऊ के कंट्रोल रूम नंबर 0522-2622080 पर संपर्क किया जा सकता है।
