प्रयागराज के अति प्राचीन मंदिरों को पर्यटन सुविधाओं से संवार रहा पर्यटन विभाग
लखनऊ/प्रयागराज। तीर्थराज प्रयागराज में बड़े हनुमान मंदिर (लेटे हनुमान जी), मनकामेश्वर मंदिर और नागवासुकी मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। वहीं, प्रयागराज में कई ऐसे अति प्राचीन मंदिर भी हैं, जो धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के बावजूद अपेक्षाकृत कम चर्चित हैं। इन अति प्राचीन धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम प्रदेश सरकार लगातार कर रही है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रयागराज के पथरबंधी महादेवालय, अति प्राचीन भोलेगिरि मंदिर, प्राचीन बोलन महादेव मंदिर और घीनपुर स्थित प्राचीन शिवाला मंदिर के विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इन चारों मंदिरों में करीब 06 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य मंदिरों की प्राचीन पहचान और धार्मिक महत्व को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास करना और इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है।
पर्यटक सुविधाओं के साथ संवर रहे धार्मिक स्थल
इन धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय हॉल, यात्री शेड, स्वागत द्वार और गलियारे विकसित किए जा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्राम, प्रतीक्षा और आयोजन के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा। बैठने के लिए प्लेटफॉर्म और आरसीसी बेंच बनाए जाने से दर्शन के दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। आवागमन को सुगम बनाने के लिए स्टैम्प फ्लोरिंग पाथवे विकसित किए जा रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना आसान होगा। सजावटी लाइटिंग और बागवानी के जरिए परिसर को अधिक आकर्षक बनाया जा रहा है, जिससे पर्यटकों को बेहतर वातावरण मिलेगा और शाम के समय भी परिसर का स्वरूप निखरेगा।
प्रयागराज के प्राचीन मंदिरों में बढ़ेंगी पर्यटक सुविधाएं, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटकों की सुविधा के लिए साइनेज और दिशासूचक बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों और सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। वहीं, कुछ स्थलों पर हॉल का नवीनीकरण, म्यूरल वर्क तथा शिवलिंग के लिए बलुआ पत्थर के मेहराब तैयार किए जा रहे हैं। इससे धार्मिक स्थलों के पारंपरिक स्वरूप और सौंदर्य को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। इन कार्यों के जरिए श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के साथ इन प्राचीन स्थलों को पर्यटकों के लिए अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जा रहा है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, “प्रदेश सरकार की प्राथमिकता अति प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को उनकी ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप विकसित करते हुए वहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रयागराज के प्राचीन मंदिरों में चल रहे विकास कार्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन स्थलों पर सुविधाओं के विकास के साथ परिसर का सौंदर्यीकरण भी कराया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलेगी। सरकार प्रदेश के ऐसे अन्य प्राचीन और महत्वपूर्ण स्थलों को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर लगातार काम कर रही है।“
इन परियोजनाओं के जरिए प्रयागराज के प्राचीन धार्मिक स्थलों को बेहतर पर्यटक सुविधाओं से जोड़ने के साथ उनकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को भी सहेजने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा धार्मिक पर्यटन के लिए प्रयागराज आने वाले पर्यटकों को भी इन स्थलों पर बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
