प्रदेश में 580 इकाइयों की स्थापना से 95 हजार रोजगार सृजित
लखनऊ। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित Uttar Pradesh International Trade Show (UPITS)-2026 के अंतर्गत आज खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा Knowledge Session का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य , अपर मुख्य सचिव, वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों, DRPs, उद्यमियों एवं विभिन्न हितधारकों ने सहभागिता की।कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023, विभाग द्वारा संचालित योजनाओं तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं प्रोत्साहनों का उल्लेख किया। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में सूक्ष्म एवं लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, उन्नयन, आधुनिकीकरण एवं विस्तार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
PMFME से 28 हजार इकाइयां, 1.5 लाख रोजगार
बताया कि PMFME योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में लगभग 28,000 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना/उन्नयन हुआ है, जिनमें लगभग रू 2,200 करोड़ का निवेश हुआ है तथा लगभग 1,50,000 रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है। उन्होंने कहा कि PMFME योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि एवं बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा सूक्ष्म खाद्य उद्यमों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत पात्र इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी पर 35 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन तथा सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना पर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना, खाद्य प्रसंस्करण क्षमता का विस्तार करना तथा उद्यमियों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। बताया गया कि प्रदेश में अब तक 580 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हो चुकी है। इन इकाइयों में कुल रू 5,17,792.32 लाख का निवेश हुआ है तथा लगभग 95,000 रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है।
बी.एल. मीना, IAS द्वारा विभाग की प्रमुख योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, वित्तीय सहायता एवं प्रोत्साहनों के संबंध में प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने सूक्ष्म एवं लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के सुदृढ़ीकरण, क्षमता विस्तार, आधुनिक तकनीक के उपयोग, उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
UPITS-2026 में खाद्य प्रसंस्करण के 16 MoU
राज कमल यादव, IAS, विशेष सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा सत्र का संचालन करते हुए उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के प्रमुख प्रावधानों, उद्देश्यों एवं निवेश प्रोत्साहनों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने प्रदेश में स्थापित विभिन्न खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, उनके कार्यों तथा कृषि एवं बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के संबंध में जानकारी साझा की। साथ ही, प्रदेश के खाद्य प्रसंस्कृत उत्पादों को घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया
तकनीकी सत्र में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जयदेव सिंह, निमित सिंह, कर्नल सुभाष देशवाल एवं महेंद्र नाथ पांडेय द्वारा अपने-अपने विषयों पर विशेषज्ञ प्रस्तुतियां एवं व्याख्यान दिए गए। वक्ताओं द्वारा खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, उद्यमिता, आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों तथा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रतिभागियों के साथ साझा की गई।
UPITS-2026 में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत कुल 16 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनकी कुल राशि लगभग 50,000 अमेरिकी डॉलर रही। इन समझौता ज्ञापनों के माध्यम से प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों एवं उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, निर्यात को बढ़ावा देने तथा वैश्विक स्तर पर व्यापारिक सहयोग के नए अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. एम.पी. सिंह, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी अश्वनी कुमार एवं खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी लोकेश सेंगर द्वारा महत्वपूर्ण समन्वयात्मक भूमिका का निर्वहन किया गया। इन अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाओं, विभागीय गतिविधियों तथा संबंधित हितधारकों के साथ आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन सुनिश्चित किया गया। खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रदेश में कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास, निवेश को प्रोत्साहन तथा किसानों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर कार्य किया जा रहा है।
