UP RERA का बड़ा फैसला, रिकवरी सर्टिफिकेट की जानकारी अब घर बैठे ई-मेल से मिलेगी
लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर। अब आवंटी और शिकायतकर्ता रेरा बेंच के आदेश के अनुपालन तथा रिकवरी सर्टिफिकेट से संबंधित अपनी समस्या और जानकारी घर बैठे ई-मेल के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें संबंधित बेंच के ई-मेल पते पर अपने मामले का विवरण भेजना होगा। इससे उन्हें कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी और अपने मामले की स्थिति तथा जरूरी प्रक्रिया की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी।
उत्तर प्रदेश रेरा के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें आवंटी या शिकायतकर्ता आवश्यक शपथ पत्र नहीं देने के कारण रिकवरी सर्टिफिकेट की राशि प्राप्त करने में परेशानी का सामना कर रहे हैं। कई मामलों में जानकारी के अभाव या लापरवाही के कारण शपथ पत्र समय पर उपलब्ध नहीं कराया जाता है, जिससे राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो सकती है।
रिकवरी सर्टिफिकेट के लिए समय पर दें शपथ पत्र
हाल ही में उत्तर प्रदेश रेरा ने रिकवरी सर्टिफिकेट के संबंध में आवंटियों और शिकायतकर्ताओं को जानकारी देते हुए कहा था कि आवश्यक शपथ पत्र प्रस्तुत कर रिकवरी सर्टिफिकेट के माध्यम से मिलने वाली राशि प्राप्त कर लें। प्राधिकरण ने यह जानकारी इसलिए दी थी, ताकि पात्र आवंटियों और शिकायतकर्ताओं को उनकी देय राशि प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
प्राधिकरण ने सभी आवंटियों और शिकायतकर्ताओं से अपील की है कि वे अपने मामले में रेरा बेंच द्वारा पारित आदेश, उसके अनुपालन तथा जारी रिकवरी सर्टिफिकेट से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया को समय से पूरा करें। जहां शपथ पत्र देना आवश्यक है, वहां उसे समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की लापरवाही या जानकारी के अभाव के कारण राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखें।
शिकायतकर्ता अपने मामले से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए ई-मेल करते समय अपना मामला संख्या, रिकवरी सर्टिफिकेट संख्या, परियोजना का नाम, बिल्डर का नाम तथा अपनी समस्या का संक्षिप्त विवरण अवश्य दें। इससे संबंधित मामले की जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।
- मुख्यालय की बेंचों से संबंधित जानकारी के लिए ई-मेल करें: *rro.hq@up-rera.in
- क्षेत्रीय कार्यालय की बेंचों से संबंधित जानकारी के लिए ई-मेल करें: *rro.ncr@up-rera.in
उत्तर प्रदेश रेरा का प्रयास है कि आवंटियों और शिकायतकर्ताओं को अपने मामलों से संबंधित जानकारी सरल और सुगम तरीके से उपलब्ध हो तथा केवल जानकारी के अभाव या आवश्यक शपथ पत्र समय पर न देने के कारण उन्हें रिकवरी सर्टिफिकेट की राशि प्राप्त करने में किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
