/ Oct 19, 2026

TN

TotaRam News

What's Hot

खुखुन्दू जैन तीर्थ: भगवान पुष्पदन्त की पावन जन्मस्थली और पूर्वांचल की अमूल्य धरोहर

Table of Content

काकन्दी नाम से प्रसिद्ध खुखुन्दू जैन धर्म के नवम तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल

संजय मिश्र।

देवरिया। जनपद मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर स्थित खुखुन्दू केवल एक गांव नहीं, बल्कि भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास की महत्वपूर्ण धरोहर है। जैन परंपरा में इसकी पहचान प्राचीन ‘काकन्दी’ के रूप में है। मान्यता है कि यहीं जैन धर्म के नवम तीर्थंकर भगवान पुष्पदन्त नाथ, जिन्हें सुविधिनाथ भी कहा जाता है, का जन्म हुआ था। इसी धार्मिक महत्ता के कारण खुखुन्दू दिगम्बर जैन समाज के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है और देश-विदेश से श्रद्धालु यहां दर्शन, पूजा और साधना के लिए पहुंचते हैं।

चार कल्याणकों से जुड़ी पावन भूमि

मंदिर परिसर में स्थापित कीर्ति स्तंभ और शिलापट्टों पर अंकित अभिलेखों के अनुसार भगवान पुष्पदन्त का जन्म इक्ष्वाकु वंश में राजा सुग्रीव और रानी जयरामा के यहां काकन्दी नगरी में करोड़ों बर्ष पूर्व मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदा को हुआ था।सौधर्म इंद्र आदि असंख्य देव, देवियों के साथ प्रभु के कल्याणक महोत्सव मनाए थे। इनका शरीर चन्द्रमा के समान श्वेत वर्ण था।

जैन परंपरा के अनुसार भगवान पुष्पदन्त के गर्भ, जन्म, तप और केवलज्ञान—इन चार कल्याणकों का संबंध इसी पवित्र भूमि से माना जाता है। यही धार्मिक मान्यता खुखुन्दू को जैन आस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित करती है।

1874 से भव्य तीर्थ तक का सफर

वर्तमान में दिखाई देने वाला भव्य जैन मंदिर अपेक्षाकृत आधुनिक निर्माण है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार उन्नीसवीं शताब्दी में, लगभग 1874 ई. में राय बहादुर मूलचंद ने यहां मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर में भगवान पुष्पदन्त सहित अन्य तीर्थंकरों की प्रतिमाएं स्थापित की गईं।

समय के साथ दिगम्बर जैन समाज और गणिनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से इस तीर्थ का व्यापक विस्तार और विकास हुआ। एक समय जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुके मंदिर का पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण कराया गया। राजस्थान से मंगाए गए कीमती पत्थरों तथा कर्नाटक के विशेष ग्रेनाइट से तैयार भगवान पुष्पदन्त की प्रतिमा को जयपुर के कुशल शिल्पकारों ने अंतिम रूप दिया।

आज मंदिर परिसर धर्मशाला और यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित एक प्रमुख तीर्थक्षेत्र के रूप में विकसित हो चुका है। वर्तमान में मंदिर का प्रबंधन बसंत जैन द्वारा किया जाता है। उनके निर्देशन में मंदिर की व्यवस्था, धार्मिक आयोजन और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का संचालन किया जाता है।

बसंत जैन के अनुसार, “श्रद्धालुओं की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है और यहां की धार्मिक ऊर्जा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा और विशाल भंडारा प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल हैं।”

भव्य मंदिर और 52 फीट का कीर्ति स्तंभ

मंदिर परिसर में 52 फीट ऊंचा कीर्ति स्तंभ स्थापित है, जो तीर्थ की पहचान का प्रमुख प्रतीक है। दूर से ही दिखाई देने वाली भगवान पुष्पदन्तनाथ की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करती है।

मंदिर का ऊंचा शिखर, विशाल प्रार्थना मंडप, शांत वातावरण और आकर्षक वास्तुकला इसे विशिष्ट बनाते हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ इसकी स्थापत्य विशेषताएं भी यहां आने वाले पर्यटकों और अन्य श्रद्धालुओं को प्रभावित करती हैं।

इतिहास और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण

खुखुन्दू का महत्व केवल जैन धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं है। इसके निकट स्थित कहौम स्तंभ गुप्तकालीन भारत का महत्वपूर्ण अभिलेखीय स्मारक माना जाता है। इस स्तंभ पर अंकित पांचवीं शताब्दी के संस्कृत अभिलेख से इस क्षेत्र की प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों की जानकारी मिलती है।

हर वर्ष बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु खुखुन्दू पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और भगवान पुष्पदन्त के कल्याणकों से जुड़े धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हैं। विशेष अवसरों पर देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अमेरिका, केन्या और ब्रिटेन जैसे देशों से भी श्रद्धालुओं के आने की बात कही जाती है।

हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सड़क, आधारभूत संरचना और पर्यटन सुविधाओं के विकास की दिशा में पहल की गई है। इससे खुखुन्दू के धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

खुखुन्दू का जैन मंदिर आज केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि अहिंसा, तप, संयम और आध्यात्मिक चेतना की जीवंत विरासत है। यह तीर्थ याद दिलाता है कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों में भी निहित है, जहां आस्था और इतिहास साथ-साथ चलते हैं। इस अमूल्य धरोहर का संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार केवल किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि हमारी साझा सांस्कृतिक जिम्मेदारी है।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

4 thoughts on “खुखुन्दू जैन तीर्थ: भगवान पुष्पदन्त की पावन जन्मस्थली और पूर्वांचल की अमूल्य धरोहर”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग, अभिनेता सुरक्षित; ड्राइवर घायल

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सामने आए दावे की भी हो रही पड़ताल मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई। घटना के दौरान अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर है। पुलिस ने...

लखनऊ में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का निरीक्षण, फैजुल्लागंज और बरावन कला के स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थाएं परखीं

स्वास्थ्य महानिदेशक ने उपचार, टीकाकरण और रोग नियंत्रण के दिए निर्देश लखनऊ। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण ने निदेशक उपचार डॉ.एस के चौधरी,निदेशक विद्युत रवि कुमार तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. बी. सिंह के साथ रविवार को नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फैजुल्लागंज और बरावन कला का भ्रमण कर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले...

लोकायन 2026 – भारतीय नौसेना का जहाज सुदर्शिनी ओमान के सलालाह से रवाना हुआ

14 से 17 अक्टूबर तक सलालाह में रहा भारतीय नौसेना का पाल प्रशिक्षण पोत डेस्क। भारतीय नौसेना का तीन मस्तूलों वाला पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी 14-17 अक्टूबर 2026 के दौरान ओमान के सलालाह में अपनी यात्रा पूरी करने के बाद वहाँ से रवाना हुआ। इसके साथ ही उसने अपनी ऐतिहासिक महासागरीय तैनाती, लोकायन-2026, को...

उच्च शिक्षा मंत्री ने अलीगढ़ में प्रस्तावित ‘सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय’ की स्थापना हेतु सौंपा आशय-पत्र

अलीगढ़ व आसपास के युवाओं को मिलेंगे उच्च व व्यावसायिक शिक्षा के बेहतर अवसर लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रायोजक संस्था ‘ॐ श्री सांई शिक्षा समिति, अलीगढ़’ के प्रतिनिधियों को निजी क्षेत्र में प्रस्तावित ‘सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय, अलीगढ़’ की स्थापना हेतु औपचारिक आशय-पत्र...

यूपी में खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों पर सख्ती, मिठाई-चटनी में रोडामाइन-बी के इस्तेमाल पर रोक

रंगों के नियम तोड़ने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत हो सकती है कार्रवाई लखनऊ। मिठाइयों, स्नैक्स, मोमोज, चटनी, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों को आकर्षक रंग देने के लिए रासायनिक रंगों के मनमाने इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), उत्तर प्रदेश ने खाद्य कारोबारियों...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.