गोरखपुर। योगी आदित्यनाथ ने परंपरा के अनुसार गोरखनाथ मंदिर में होलिकोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि होली सामाजिक समरसता, उमंग और उल्लास का पर्व है, जो शांति, सौहार्द और सुरक्षा के वातावरण में ही अपने वास्तविक उत्सवी स्वरूप में मनाया जाता है। बुधवार सुबह मंदिर परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा और पूर्वजों ने हजारों वर्षों की होली की विरासत को जिस भावना से संरक्षित कर आगे बढ़ाया है, आज की पीढ़ी भी उसी उत्साह और श्रद्धा के साथ उसे आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर वर्ग और हर सनातनी इस पावन पर्व से जुड़कर आनंद की अनुभूति कर रहा है तथा मनमुटाव और वैरभाव को समाप्त कर समरस समाज के निर्माण का प्रयास कर रहा है।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1 लाख 61 हजार से अधिक स्थानों पर होलिकादहन के कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। उन्होंने कहा कि होलिकादहन भगवान श्रीहरि विष्णु के नृसिंह अवतार के स्मरण का भी अवसर है, जो सज्जन शक्ति के संरक्षण और दुर्जन शक्ति के विनाश का संदेश देता है। सीएम योगी ने कहा कि जब समाज में अराजकता और अव्यवस्था बढ़ती है, तब ईश्वरीय अवतार सकारात्मक शक्तियों को प्रेरित करने के लिए प्रकट होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम सब प्रह्लाद, शबरी या अर्जुन की भांति अपनी भूमिका का ईमानदारी से निर्वहन करें, तो सकारात्मक शक्तियां सशक्त होंगी और नकारात्मक ताकतें स्वयं परास्त हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज नया भारत विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। विरासत और विकास को साथ लेकर चलने की प्रक्रिया ने देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि आने वाली पीढ़ियां भी इस समरसता के पर्व को इसी उत्साह और उल्लास के साथ मनाती रहें।
