TN

TotaRam News

What's Hot

शिवराज सिंह चौहान की पहल पर जयपुर से शुरू हुआ कृषि सुधारों का नया अध्याय

Table of Content

डेस्क। जयपुर में आज पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन से कृषि सुधारों के नए युग की मजबूत शुरुआत हुई, जहाँ केंद्र–राज्य साझेदारी, किसानों की आय वृद्धि, फूड व न्यूट्रीशन सिक्योरिटी, फार्मर आईडी आधारित डिजिटल कृषि और लचीली योजनाओं के क्रियान्वयन पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ रोडमैप रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सशक्त किसान, समृद्ध भारत’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस की यह नई श्रंखला केंद्र और राज्यों के लिए साझा ‘एक्शन-प्लेटफ़ॉर्म’ के रूप में सामने आई हैं।

जोनल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समग्र कृषि विकास का नया ढांचा

जयपुर के होटल मैरियट में आयोजित पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एक दिन की औपचारिक रबी–खरीफ मीटिंग की जगह अब अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन के लिए गंभीर, विषय-आधारित क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही हैं। सम्मेलन की इस नई श्रृंखला की शुरुआत राजस्थान की धरती से होना उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण बताया, जहाँ राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गोवा के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान एक मंच पर जुटे, वहीं उद्घाटन सत्र में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी क्षेत्र की कृषि पर संपूर्णता से मंथन का प्रयास है, जिसमें पूरे दिन प्रजेंटेशन, वीडियो और विषयवार चर्चा के बाद ठोस निष्कर्ष और ‘टू-डू लिस्ट’ के साथ राज्यों को आगे बढ़ने का रोडमैप तय किया जाएगा।

तीन प्रमुख लक्ष्य: फूड सिक्योरिटी से पोषण सुरक्षा तक

शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि के लिए तीन मुख्य लक्ष्य रेखांकित किए– देश की खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि और पोषण सुरक्षा। उन्होंने कहा कि गेहूं और चावल में भारत के भंडार इतने हैं कि रखने की जगह तक की चुनौती है, लेकिन दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भरता अभी हासिल करनी है ताकि खाद्य सुरक्षा पूरी तरह देश की अपनी उत्पादन क्षमता पर आधारित हो सके और आयात पर निर्भरता खत्म हो। उन्होंने दोहराया कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और किसान उसकी आत्मा हैं, इसलिए किसानों की आय बढ़ाना, जीवन स्तर सुधारना और खेती को आसान बनाना सरकार की प्राथमिकता है, साथ ही जनता को पोषक आहार उपलब्ध कराने के लिए पोषण सुरक्षा को नीति का अनिवार्य अंग बताया।

फार्मर आईडी और डिजिटल एग्रीकल्चर की बड़ी झलक

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने फार्मर आईडी को आने वाले समय की सबसे उपयोगी व्यवस्था बताते हुए कहा कि एक प्रमाणित डिजिटल प्रोफ़ाइल के आधार पर बैंक लोन से लेकर सरकारी मदद तक सब कुछ तेज़ और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुँचेगा। उन्होंने बताया कि कुछ राज्यों में फार्मर आईडी के माध्यम से कुछ ही दिनों में हजारों करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं और आगे खाद वितरण जैसी संवेदनशील व्यवस्था भी किसान की भूमि और बोई गई फसल के आधार पर फार्मर आईडी से ही लिंक की जाएगी, ताकि सस्ता खाद डायवर्जन रोका जा सके।

उन्होंने पश्चिम एशिया/मिडिल ईस्ट की परिस्थितियों के संदर्भ में वैश्विक अनिश्चितताओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि ऐसे संकट के दौर में डिजिटल और डेटा आधारित कृषि प्रशासन के माध्यम से ही देश और किसानों को सुरक्षित रखा जा सकता है, इसलिए सभी राज्यों को फार्मर आईडी के काम को मिशन मोड में 100 प्रतिशत पूरा करने का आग्रह किया गया।

MSP, खरीद, PM-AASHA और MIS पर स्पष्ट संदेश

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि दलहन और तिलहन की खरीद PM-AASHA के माध्यम से कृषि विभाग द्वारा और गेहूं–चावल की खरीद खाद्य विभाग द्वारा की जा रही है तथा राज्यों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों के अनुरूप ही खरीद की स्वीकृति दी गई है, लेकिन समयबद्ध खरीद सुनिश्चित करना राज्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि चने, मसूर और तुअर की 100 प्रतिशत खरीद की जाएगी और जहाँ फिजिकल खरीद संभव नहीं है, वहाँ मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के मॉडल पर सरसों और सोयाबीन में भावांतर भुगतान के माध्यम से MSP और बाजार भाव के अंतर की भरपाई किसानों के खातों में सीधे की जा सकती है।

उन्होंने आलू, प्याज, टमाटर जैसी फसलों में अंतरराष्ट्रीय कारणों से गिरती कीमतों की चुनौती का उल्लेख करते हुए MIS व्यवस्था की उपयोगिता समझाई, जिसमें मॉडल रेट और बाजार भाव के अंतर का भुगतान सीधा किसान को किया जा सकता है, जिसमें 50 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, साथ ही जिन राज्यों की एजेंसियाँ किसानों की उपज को उत्पादन क्षेत्र से बड़े शहरों तक ले जाना चाहेंगी, उनके लिए ट्रांसपोर्ट सब्सिडी देने का निर्णय भी साझा किया।

विकसित कृषि संकल्प अभियान और एग्रीकल्चर रोडमैप

केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों से कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान अब एक साथ पूरे देश में न करके राज्यों की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा और जो भी राज्य समय-सारिणी और कार्यक्रम भेजेंगे, वहाँ भारत सरकार वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों की टीम भेजकर अभियान को गति देगी। राजस्थान के संदर्भ में उन्होंने ICAR के वैज्ञानिकों की विशेष टीम भेजने की घोषणा की, जो राज्य के तय कार्यक्रम में खेत स्तर पर वैज्ञानिक सलाह और नवाचारों का विस्तार करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आज से राज्यों के कृषि रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया को भी संस्थागत सहयोग मिलेगा; राजस्थान ने कृषि रोडमैप में भारत सरकार की साझेदारी की पहल की है और इसके लिए आईसीएआर के वैज्ञानिकों और मंत्रालय के नोडल अधिकारी की संयुक्त टीम राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी, जबकि अन्य राज्यों को भी उनके कृषि रोडमैप के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा।

नीतियों में लचीलापन और बजट के समयबद्ध उपयोग पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने 1 अप्रैल से लागू नए बजट को तुरंत राज्यों को रिलीज़ करने और वर्ष की शुरुआत से ही योजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन पर फोकस करने की अपील की, ताकि साल के अंत में बजट बचने और जल्दबाजी में खर्च की स्थिति न बने। उन्होंने बताया कि राज्यों की मांग पर इस बार यह व्यवस्था की गई है कि केंद्र कोई योजना ऊपर से थोपेगा नहीं, बल्कि योजनाओं में से राज्य अपनी ज़रूरत के मुताबिक प्राथमिकता चुनेंगे– चाहे बात तारबाड़बंदी की हो या ‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’ के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई की। उन्होंने ‘टीम एग्रीकल्चर’ की अवधारणा रखते हुए कहा कि नीतियाँ और कार्यक्रम केंद्र बनाएगा, लेकिन असली क्रियान्वयन राज्यों के हाथ में है, इसलिए जितनी गंभीरता और प्राथमिकता से राज्य सरकारें काम करेंगी, उतनी ही सफलता किसानों तक योजनाओं के लाभ पहुँचाने में मिलेगी।

आपदा प्रबंधन, फसल बीमा और स्वास्थ्य का संदेश

हाल के मौसमीय असंतुलन और नुकसान का ज़िक्र करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने राज्यों से नुकसान के सही आकलन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया, ताकि प्रभावित किसानों को पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि ज़मीन पर सक्रिय भूमिका राज्यों की होगी और केंद्र की ओर से किसानों को भरपूर सहयोग देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। विश्व स्वास्थ्य दिवस के संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत के संदेश का हवाला देते हुए अपील की कि तेल और भोजन की मात्रा में संयम के साथ सभी अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है और कृषि नेतृत्व को भी फिट रहकर किसानों की सेवा में जुटे रहने की प्रेरणा दी।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में गुणवत्तापूर्ण बेसिक शिक्षा की अहम भूमिका

संदीप सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की लखनऊ। प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारों एवं विभिन्न योजनाओं की समीक्षा हेतु उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र...

UP में प्राचीन रॉक आर्ट की होगी डिजिटल मैपिंग

चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर में प्राचीन रॉक आर्ट का डिजिटल रिकॉर्ड लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चट्टानों पर उकेरी गई हजारों साल पुरानी कला से लेकर ऐतिहासिक स्मारकों की दीवारों पर बने भित्तिचित्रों तक को संरक्षित किया जाएगा। प्रदेश सरकार प्राचीन रॉक आर्ट का डिजिटल रिकॉर्ड और मैपिंग तैयार कराने के साथ इन चित्रों की मौजूदा...

आयुष मंत्रालय ने 3,100 से अधिक लोक शिकायतों का किया निपटारा

विशेष अभियान 6.0 में 3,134 में से 3,100 लोक शिकायतों का निपटारा, 99% रही समाधान दर डेस्क। आयुष मंत्रालय ने नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक आयोजित विशेष अभियान 6.0 के सफल कार्यान्वयन के माध्यम से नागरिक-केंद्रित शासन, कुशल प्रशासन और समय पर शिकायत निवारण के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। यह अभियान...

UP Food Safety Action: Health Supplements और Nutraceuticals पर बड़ी कार्रवाई, ₹1 करोड़ का माल सीज

13 जिलों में 63 इकाइयों की जांच, 43 नमूने लिए लखनऊ। प्रदेश में हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स के नाम पर उपभोक्ताओं को भ्रामक स्वास्थ्य दावों के जरिए गुमराह करने वाली गतिविधियों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से हेल्थ सप्लीमेंट, न्यूट्रास्यूटिकल्स, डाइटरी फूड...

Varuna Exercise 2026: INS Trishul फ्रांस पहुंचा

भारत-फ्रांस नौसेना के बीच 24वें ‘वरुण’ अभ्यास में बढ़ेगा समुद्री सहयोग और तालमेल डेस्क। भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘वरुण’ के 24वें संस्करण में भाग लेने के लिए आईएनएस त्रिशूल 22 सितंबर 2026 को फ्रांस के टूलॉन पहुंचा। ‘वरुण’ अभ्यास के दौरान बंदरगाह और समुद्र में पेशेवर कार्यकलाप होंगे, जिनमें...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.