लखनऊ। प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित दिव्यांग पेंशन एवं कुष्ठावस्था पेंशन योजना के माध्यम से समाज के निर्धन एवं जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन योजनाओं के सफल संचालन के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में दिव्यांग पेंशन योजना हेतु ₹1,47,004.69 लाख तथा कुष्ठावस्था पेंशन योजना हेतु ₹4,860.00 लाख का बजट निर्धारित किया गया है, ताकि पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पेंशन उपलब्ध कराई जा सके। वर्तमान वित्तीय वर्ष में लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है। उ0प्र0 सरकार द्वारा इस संबंध में समस्त जिलाधिकारियों एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किये जा चुके हैं। इन निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश के जनपदों द्वारा 91.50 प्रतिशत लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन कार्य को पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विगत वर्ष दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना के अंतर्गत ₹1,43,923.26 लाख की धनराशि व्यय करते हुए 12,23,295 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया था। वहीं कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अन्तर्गत ₹4,785.30 लाख की धनराशि व्यय कर 13,667 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी।
भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप विभाग द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना को एनएसएपी पोर्टल पर ऑनलाइन किए जाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसके पूर्ण होने पर लाभार्थियों को बिना किसी तकनीकी बाधा के पारदर्शी एवं अधिक प्रभावी ढंग से एवं समयबद्ध रूप से पेंशन हस्तांतरित की जा सकेगी।
